शिशु शिक्षा-13 (दश वर्षाणि ताङयेत्)

 – नम्रता दत्त अभी तक शिशु शिक्षा की श्रृंखला में हमने लालयेत् पंचवर्षाणि की चर्चा की। शैशवास्था अर्थात् 0 से 05 वर्ष में शिशु शिक्षा…

अपयश को भी झेलो!

 – दिलीप वसंत बेतकेकर अपयश किसको अच्छा लगता है? किसी को भी नहीं। प्रत्येक व्यक्ति को सफलता और यश ही चाहिए परन्तु क्या वास्तव में…

अपनी संतान ऐसा करती है क्या?

 – दिलीप वसंत बेतकेकर अपने बच्चे बड़े होकर बहुत यश प्राप्त करें, पराक्रमी बनें, अच्छी ख्याति प्राप्त करें, ऐसी इच्छा प्रत्येक माता-पिता की रहती है।…