स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के संघर्षों की गाथा को पाठ्य पुस्तकों में सम्मिलित करे

– डॉ० अंजनी कुमार सुमन भारत भूमि का कण-कण वीरों के मनोबल और बलिदानियों के रक्त से सिंचित रहा है। समय, काल, परिस्थितियाँ भले ही…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-59 (सांस्कृतिक अर्थशास्त्र, भाग-2)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक इस बिन्दु की स्पष्टता हुई होगी कि इकोनोमिक्स के सिद्धांतों पर चलने से सर्वजनहिताय व सर्वजनसुखाय का उद्देश्य सिद्ध नहीं…

शिशु शिक्षा 27 – एक से तीन वर्ष के शिशुओं की माताओं का शिक्षण-1

 – नम्रता दत्त शिशु की स्वाभाविक विशेषताएं एक वर्ष से भी कुछ अधिक समय से हम निरन्तर शिशु शिक्षा का अध्ययन कर रहे हैं। शिशु…

भारतीय ज्ञान का खजाना – 7 (भारतीय संस्कृति के वैश्विक पदचिन्ह – 2)

 – प्रशांत पोळ पिछले लेख में हमने भारत के पश्चिमी दिशा में भारतीय संस्कृति के पदचिन्ह खोजने का प्रयास किया था। ‘बेरेनाईक परियोजना’ जैसे पुरातात्विक…

भारतीय क्रांति के महानायक – वीर सावरकर

  – मृत्युंजय दीक्षित “मुझे प्रसन्नता है कि मुझे दो जन्मों के कालापानी की सजा देकर अंग्रेज़ सरकार ने हिंदुत्व के पुनर्जन्म सिद्धांत को मान…

1857 के स्वातंत्र्य समर में दिल्ली लड़ती है – 2

 – रवि कुमार जून से सितम्बर 1857 दिल्ली का संघर्ष शायद ही कोई जानता हो, शायद  ही किसी पाठ्य पुस्तक में पढ़ाया गया हो और…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 58 (सांस्कृतिक अर्थशास्त्र, भाग-1)

 – वासुदेव प्रजापति आज का युग आर्थिक युग है, यह सभी मानने लगे हैं। जीवन अर्थनिष्ठ बन गया है और अर्थ ने जीवन में केन्द्रवर्ती…

पं० हजारी प्रसाद द्विवेदी का साहित्य दर्शन

पं० हजारी प्रसाद द्विवेदी जी का हिंदी साहित्य में अत्यंत विशिष्ट तथा सराहनीय योगदान रहा है। द्विवेदी जी निबंधकार, आलोचक और उपन्यासकार थे। लगभग सभी…

क्रांतिकारी विचारों के जनक विपिन चंद्र पाल

 – चन्द्रभूषण त्रिवेदी भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन के इतिहास में ‘लाल-बाल-पाल’ प्रसिद्ध हैं। इनमें से विपिन चन्द्र पाल एक वीर स्वतंत्रता सेनानी के साथ साथ एक…

बच्चों को अवसर देकर तो देखिये

 – राजेन्द्र बघेल आठवीं में पढ़ने वाली नम्रता कक्षा में एक दुबली पतली छात्रा थी। स्वभाव से बस संकोची भी थी। अतः मुश्किल से कोई…