शिक्षा, भाषा और शिक्षा की भाषा – भाग एक

✍ चाँद किरण सलूजा एक अच्छी शैक्षणिक संस्था वह है जिसमें प्रत्येक छात्र का स्वागत किया जाता है और उसकी देखभाल की जाती है, जहाँ…

U. V. SWAMINATHA IYER

✍ Charumati -Pon Raman Mahakavi Bharathiyar vocalized that Tamil is the sweetest among all the languages he had mastered. It is a noble language. Tamil Language is archaic, unique, and highly- inclined languages…

शिशु शिक्षा 35 – अनौपचारिक शिक्षा क्या, क्यों और कैसे?

✍ नम्रता दत्त गत सोपान में हमने जाना कि शिशु अवस्था (3 से 5 वर्ष) में शिक्षा का अर्थ पढ़ना-लिखना अर्थात् औपचारिक शिक्षा नहीं अपितु…

स्वामी दयानंद सरस्वती का जीवन दर्शन

✍ धर्मवीर स्वामी दयानंद सरस्वती जी का नाम अग्रणी समाज सुधारकों में आता है। उनके बचपन का नाम मूल शंकर था। स्वामी जी ने वेदों…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 75 (स्वायत्त शिक्षा व्यवस्था का नाश)

 ✍ वासुदेव प्रजापति अंग्रेजों के भारत में आने तक हमारी शिक्षा व्यवस्था स्वायत्त थी। शिक्षा शिक्षक के अधीन थी और समाज के पोषण से चलती…

आचार्य विनोबा भावे और उनकी शिक्षक दृष्टि

✍ सचिन अरुण जोशी आचार्य विनोबा भावे एक ऋषितुल्य व्यक्तित्व। केवल चिंतन ही नहीं अपितु चिंतनाधारित कृति ऐसी उनकी प्रगल्भता थी। विनोबाजी मूलतः महाराष्ट्र से…

राष्ट्र शिल्पी और ज्ञान परंपरा का संवाहक है शिक्षक

✍ डॉ. रवीन्द्र नाथ तिवारी शिक्षक का स्थान समाज में अनादिकाल से ही पूजनीय रहा है। शिक्षा का प्रमुख आधार शिक्षक ही होता है। शिक्षक…

आदिकवि महर्षि वाल्मीकि कृत रामायण का परिचय

– धीरेंद्र झा आदि कवि महर्षि वाल्मीकि ने तमसा नदी के तट पर 24000 श्लोकों से निबद्ध रामायण नामक संस्कृत महाकाव्य की रचना की। इस…

दीनदयाल उपाध्याय की दृष्टि में भारतीय शिक्षा

 – डॉ. राकेश दुबे दीनदयाल जी की दृष्टि में भारतीय शिक्षा विषय पर विचार करते हुए कुछ प्रश्न स्वभावत: मन में उठते हैं जैसे किसी…

श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में राष्ट्रनायक हैं

– ललित गर्ग भगवान श्रीकृष्ण हमारी संस्कृति के एक अद्भुत एवं विलक्षण राष्ट्रनायक हैं। श्रीकृष्ण का चरित्र एक लोकनायक का चरित्र है। वह द्वारिका के…