भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 54 (पठनीय विषयों का सांस्कृतिक स्वरूप)

– वासुदेव प्रजापति   भारतीय ज्ञानधारा का मूल अधिष्ठान अध्यात्म है। अध्यात्म जब नियम व व्यवस्था में रूपान्तरित होता है, तब वह धर्म का स्वरूप…

शिशु शिक्षा 21 (जन्म से एक वर्ष के शिशुओं की माताओं का शिक्षण-1)

शिशु की मानसिक आवश्यकतायें एवं स्वाभाविक विकास में परिवार की भूमिका  – नम्रता दत्त अभी तक हम नव दम्पति के शिक्षण पर विचार कर रहे…

भ्रान्तियों के निवारण का महापर्व : आजादी का अमृत महोत्सव – 2

  एक और अटपटा किन्तु विचारणीय प्रश्न जब हम यह चर्चा कर रहे हो कि भारत पराधीन कब हुआ, तो यह विचार करना भी समीचीन…

Life and teachings of Sri Ramakrishna Paramhansa

 – Dhanalakshmi Sri Ramakrishna was born in the year 1836 to Chandramani Devi and Khudiram Chatterjee in a village called kamaarpukur at Bengal. He was…

सामाजिक समरसता के प्रेरक संत रविदास

 – मृत्युंजय दीक्षित हिंदू समाज को छुआछूत जैसी घृणित परम्परा से मुक्ति दिलाने वाले महान संत रविदास का जन्म धर्मनगरी काशी के निकट मंडुआडीह में…

शिशु शिक्षा 20 (नव दम्पति शिक्षण 5 – श्रेष्ठ माता पिता किसको कहते हैं?)

 – नम्रता दत्त श्रेष्ठ माता पिता कौन हैं? – इस प्रश्न के उत्तर के लिए हमें सबसे पहले यह जानना चाहिए कि संतान (बच्चा) किसकी…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 52 (विषयों में परस्पर सम्बन्ध)

 – वासुदेव प्रजापति आज विद्यालयों व महाविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले सभी विषयों का सम्बन्ध शास्त्रों से है। सभी शास्त्र परस्पर एक दूसरे से सम्बन्धित…

शिशु शिक्षा 18 (नव दम्पति शिक्षण 3 – श्रेष्ठ संतान के लिए योग, संकल्प और प्रार्थना)

 – नम्रता दत्त श्रेष्ठ संतान की प्राप्ति की आकांक्षा प्रत्येक माता पिता को होती है क्योंकि वे मरने के बाद भी अपनी संतान के रुप…

भारतीय भाषाओं (कन्नड़, बंगला, ओड़िया और असमिया) का स्वतंत्रता संग्राम में योगदान – 2

– डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता कन्नड़ भाषा का योगदान स्वतंत्रता संग्राम में कुछेक अपवादों को छोड़कर समाज जागरण और राष्ट्रीय चेतना के स्वर प्राय: प्रत्येक भाषा,…

शिशु शिक्षा 17 (नव दम्पति शिक्षण 2 –  गर्भाधान के नीति नियम एवं पूर्व तैयारी)

 – नम्रता दत्त आध्यात्मिकता की अथाह गहराई को मापने वाले आचार्य रजनीश (ओशो) की विद्वता को देख किसी विद्वान व्यक्ति ने पूछा कि प्रत्येक जीवात्मा…