पाती बिटिया के नाम-34 (आओ फिर से दिया जलाएँ)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! दीपोत्सव का पर्व फिर आ गया है, आपके और आपके मित्रों के मन में उमंग हिलोरे लेने लगी अभी…