शिशु शिक्षा 40 – क्षमताओं का विकास – भाग 2

✍ नम्रता दत्त श्रृंखला के इस सोपान में शिशु की बौद्धिक क्षमताओं अर्थात् विज्ञानमयकोश  एवं आध्यात्मिक क्षमताओं अर्थात् आनन्दमयकोश के विकास पर संक्षिप्त चर्चा करेंगे।…

स्वयं दें मन को सूचना

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर हम निरंतर बोलते रहते हैं- एक प्रकार से अन्य व्यक्ति के साथ जो तेज आवाज के साथ प्रक्रिया है। और दूसरे…

नमस्ते वन देवता

✍ गोपाल माहेश्वरी प्राकृत अपनी सायकिल लेकर प्रातः से ही निकल पड़ा था। शीतलमंद पवन के झकोरे उसके तन मन में स्फूर्ति और आनंद का …

स्वतंत्रता के सात दीवाने

✍ गोपाल माहेश्वरी राष्ट्रभक्ति जब छात्रशक्ति के हृदयों में फलने लगती है। पर्वत सी हो विकट चुनौती पत्ते सी हिलने लगती है।। स्वतंत्रता के आन्दोलनों…

शिशु का आहार-विहार

✍ रवि कुमार घर में शिशु रहता है तो आनन्द रहता है। घर में आने-जाने वाले सभी रिश्तेदार, ईष्ट-मित्र गण के लिए वह शिशु आकर्षण…

शिक्षा की निष्पत्ति – अखंड व्यक्तित्व का निर्माण

✍ आचार्य श्रीतुलसी जीवन जीना एक बात है और विशिष्ट जीवन जीना दूसरी बात है। ऐसा जीवन जो दुसरों के लिये उदाहरण बन सके, विशिष्ट…

बेटा नहीं बेटी

✍ गोपाल माहेश्वरी निपुण शाला से लौट कर आया और मैदान में खेलने चला गया। कबड्डी और खो-खो उसकी मित्र मंडली के प्रिय खेल थे।…

রবীন্দ্রনাথ ঠাকুরের শিক্ষা দর্শন

✍ পেজুস কান্তি বোস শিক্ষা, সাহিত্য, সংস্কৃতির  অন্যতম মাইল স্টোন রবীন্দ্রনাথ ঠাকুর মানব জীবনের সকল ক্ষেত্রেই সুগভীর পাঠের দ্বারা মৌলিক দর্শন বোধের মাধ্যমে নিজস্বতার উজ্জল…

रवीन्द्रनाथ ठाकुर का शिक्षा दर्शन

✍ पीजुस कान्ति बोस शिल्प, साहित्य, संस्कृति के महानतम एक दीपपुंज विश्वकवि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने जीवन में सुगंभीर पाठ के द्वारा, अपने मौलिक दर्शन के…

भारतीय मनीषियों के विचारों से भारत पुन: बनेगा विश्वगुरु

शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा के उद्देश्य उसके दर्शन…