मलयालम भाषा का योगदान १८५७ का स्वतंत्रता संग्राम कई संदर्भों में अद्भुत है। यह वास्तव में भारत की जनता के विरोध की भावाभिव्यक्ति थी जिसमें…
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पाती बिटिया के नाम-40 (दोष हमारा, श्रेय राम का)
– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! अनायास समाचार पत्रों में पढऩे को मिला कि मा. आचार्य विष्णुकांतजी शास्त्री अब हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल होंगे। पढ़ते…
भारतीय ज्ञान का खजाना – 2 (प्राचीन जल व्यवस्थापन)
– प्रशांत पोळ ‘पंच महाभूत मंदिरों का रहस्य’ नामक लेख पर लोगों ने प्रतिक्रियाओं की अक्षरशः वर्षा ही कर दी। सोशल मीडिया के माध्यम से…
भारतीय ज्ञान का खजाना – 1 (पंचमहाभूतों के मंदिरों का रहस्य)
– प्रशांत पोळ इस लेखमाला, अर्थात् ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’ का उद्देश्य है कि हमारे देश में छिपी हुई अनेक अद्भुत एवं ज्ञानपूर्ण बातों को…
विहार का स्वास्थ्य पर प्रभाव
– रवि कुमार भिवानी की एक विद्यार्थी शाखा में नीतिश नाम के विद्यार्थी ने आना प्रारम्भ किया। नीतिश 11वीं कक्षा में विज्ञान संकाय का विद्यार्थी…
भारत में शिक्षा व्यवस्था
– अवनीश भटनागर भारत में समाज निर्माणकारी शिक्षा की संकल्पना थी। वेद, पुराण, उपनिषदों के लेखकों की कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है और न ही…
युवाओं के लिए प्रेरणा है देश-धर्म के लिए गुरु पुत्रों का बलिदान
– निखिलेश महेश्वरी देश, धर्म और संस्कृति के लिए समर्पण एवं बलिदान की भारत में एक गौरवपूर्ण परंपरा रहीं है जो संपूर्ण विश्व में कहीं…
ज्ञान की बात 48 (व्यक्ति को समर्थ बनाना)
– वासुदेव प्रजापति शिक्षा के प्रयोजनों को जानने के क्रम में हमने शिक्षा का सांस्कृतिक प्रयोजन, शिक्षा का राष्ट्रीय प्रयोजन एवं शिक्षा का सामाजिक प्रयोजन…
स्वामी श्रद्धानन्द – भारतीय संस्कृति के गौरव के संरक्षक
– डॉ० अश्वनी कुमार स्वामी श्रद्धानन्द का जन्म 2 फ़रवरी सन् 1856 (फाल्गुन कृष्ण त्र्योदशी, विक्रम संवत् 1913) को पंजाब प्रान्त के जालन्धर जिले…
1857 की क्रांति के प्रतिसाद
– रवि कुमार 10 मई 1857 को प्रारंभ हुआ स्वतंत्रता समर 1859 आते-आते समाप्त हो गया। क्या देशभक्ति का ज्वार मात्र दो वर्ष में ही…