अनमोल भूमि अमर बलिदान

राघव अभी केवल नौ वर्ष का था। प्रतिदिन अपने ताऊ जी और उनके बेटे माधव के साथ नियमित शाखा जाता।  ताऊ जी ने आज बाल…

आहार-विहार और तनाव

✍ रवि कुमार कक्षा तीसरी-चौथी के चार-पांच बालक उद्यान में खेल रहे थे। परस्पर चर्चा करते समय एक बालक ने अपनी बात सांझा की। उस…

भारत-पाक युद्ध 1971 में सेना की भूमिका

✍ मेजर जनरल रणजीत सिंह 1971 का वर्ष भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के इतिहास में काफी महत्त्व रखता है। उसी वर्ष भारत ने पाकिस्तान को…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 71 (स्वायत्त शिक्षा भाग १)

 – वासुदेव प्रजापति शिक्षा में स्वायत्तता और स्वतंत्रता की माँग अनेक शिक्षाविद और शैक्षिक संगठन समय-समय पर करते हुए सुनाई देते हैं, किन्तु स्वायत्तता प्राप्त…

भारत भारती

✍ गोपाल माहेश्वरी भारत और भारती का मन आज आनंद से उछल -उछल जा रहा था। एक पुराने फिल्मी गाने की एक पंक्ति है न…

भारत में कुटुंब सबसे छोटी इकाई होकर भी अतुलनीय शक्ति वाली है

✍ प्रहलाद सबनानी ब्रिटेन एवं अन्य विकसित देशों में शादियों के पवित्र बंधन टूटने की घटनाएं बहुत बड़ी मात्रा में हो रही हैं, तलाक की…

বিস্মৃতির পরত সরিয়ে বিপিনচন্দ্র পাল

✍ কল্যাণ চক্রবর্তী এবং অরিত্র ঘোষ দস্তিদার জাতীয় নবজাগরণের একটি ধারা  ছিল সাহিত্যাশ্রয়ী, তাকে ‘ভাবসর্বস্ব ধারা’ বলা চলে। অনেক মনীষীই এই ধারণায় চলেছেন, তার একটি…

राष्ट्र शिल्पी और ज्ञान परंपरा का संवाहक है शिक्षक

✍ डॉ. रवीन्द्र नाथ तिवारी शिक्षक का स्थान समाज में अनादिकाल से ही पूजनीय रहा है। शिक्षा का प्रमुख आधार शिक्षक ही होता है। शिक्षक…

आजादी के मतवाले

 – गोपाल माहेश्वरी बलि देकर भी मातृभूमि का मान बढ़ाना आता है। खेल मृत्यु के साथ शत्रा को धूल चटाना आता है।। वे सब दसवीं-बारहवीं…

मुझे कौन सिखाएगा?

 – दिलीप वसंत बेतकेकर ‘मुझे कौन सिखाएगा?’ कोई भी नहीं! और कोई भी! मुझे कौन सिखाएगा इस प्रश्न के लिए दोनों ही उत्तर सही हैं,…