– रवि कुमार महेश्वर दयाल द्वारा लिखित ‘दिल्ली मेरी दिल्ली’ पुस्तक में वर्णित है कि इंद्रप्रस्थ यानी दिल्ली अपने जीवन काल में लगभग 300 बार…
Category: श्री रवि कुमार जी
बालक के मन, बुद्धि और शिक्षण पर आहार-विहार का प्रभाव
– रवि कुमार पंजाबी में एक कहावत है- “सवेरे जे चार वजे जग्गे तां देन्न बत्ती घंटे दा हो जान्दा”। अर्थात यदि व्यक्ति प्रातः चार…
1857 के स्वातंत्र्य समर में दिल्ली लड़ती है – 2
– रवि कुमार जून से सितम्बर 1857 दिल्ली का संघर्ष शायद ही कोई जानता हो, शायद ही किसी पाठ्य पुस्तक में पढ़ाया गया हो और…
उत्तम स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है सम्यक निद्रा
– रवि कुमार आज की भागदौड़ वाली आधुनिक जीवन शैली ने मानव स्वास्थ्य के जिन पहलुओं को प्रभावित किया है, उनमें आहार के साथ निद्रा…
1857 के स्वातंत्र्य समर में दिल्ली लड़ती है – 1
– रवि कुमार 11 से 16 मई 1857, इन पांच दिनों में दिल्ली में जो हुआ वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए।…
भारतीय फ़ास्ट-फ़ूड और जंक-फ़ूड
– रवि कुमार “जैसा खाए अन्न वैसा हो जाए मन” ये कहावत हम सबने सुनी होगी। स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्न अर्थात आहार का हमारे मन…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 55 (‘भाषा’ का सांस्कृतिक स्वरूप भाग एक)
– वासुदेव प्रजापति भाषा मनुष्य के व्यक्तित्व के साथ अविभाज्य अंग के समान जुड़ी हुई है। भाषा विहीन व्यक्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा…
अंग्रेजों का न्यायपूर्ण शासन? – 1
– प्रशांत पोळ ज्ञात इतिहास में भारत पर आक्रांताओं के रूप में आने वालों में शक, हूण, कुषाण, मुसलमान, डच, पोर्तुगीज़, फ्रेंच, अंग्रेज़ आदि प्रमुख…
1857 के स्वातन्त्र्य समर में दिल्ली की स्वतंत्रता
– रवि कुमार 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर 11 मई को मेरठ से प्रारम्भ हुआ। दिल्ली इस समर के प्रमुख केंद्रों में से एक था।…
उत्तम आहार के रूप में जल का सेवन
– रवि कुमार ‘जल ही जीवन है’, ‘बिन पानी सब सून’, ‘कोस कोस पर बदले पानी’, ‘जल है तो कल है’ आदि अनेक कहावतें हमने…