1857 के स्वातंत्र्य समर में दिल्ली लड़ती है – 1

– रवि कुमार 11 से 16 मई 1857, इन पांच दिनों में दिल्ली में जो हुआ वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए।…

भारतीय फ़ास्ट-फ़ूड और जंक-फ़ूड

 – रवि कुमार “जैसा खाए अन्न वैसा हो जाए मन” ये कहावत हम सबने सुनी होगी। स्वास्थ्य के साथ-साथ अन्न अर्थात आहार का हमारे मन…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 55 (‘भाषा’ का सांस्कृतिक स्वरूप भाग एक)

 – वासुदेव प्रजापति भाषा मनुष्य के व्यक्तित्व के साथ अविभाज्य अंग के समान जुड़ी हुई है। भाषा विहीन व्यक्तित्व की कल्पना भी नहीं की जा…

अंग्रेजों का न्यायपूर्ण शासन? – 1

 – प्रशांत पोळ ज्ञात इतिहास में भारत पर आक्रांताओं के रूप में आने वालों में शक, हूण, कुषाण, मुसलमान, डच, पोर्तुगीज़, फ्रेंच, अंग्रेज़ आदि प्रमुख…

1857 के स्वातन्त्र्य समर में दिल्ली की स्वतंत्रता

 – रवि कुमार 1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर 11 मई को मेरठ से प्रारम्भ हुआ। दिल्ली इस समर के प्रमुख केंद्रों में से एक था।…

उत्तम आहार के रूप में जल का सेवन

 – रवि कुमार ‘जल ही जीवन है’, ‘बिन पानी सब सून’, ‘कोस कोस पर बदले पानी’, ‘जल है तो कल है’ आदि अनेक कहावतें हमने…

1857 प्रथम स्वातंत्र्य समर में हरियाणा का योगदान

 – रवि कुमार कहते हैं कि 1857 मात्र एक सैनिक विद्रोह था। अर्थात इसमें केवल सैनिकों ने ही भाग लिया था। वस्तुस्थिति ऐसी नहीं है।…

अच्छे स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है आहार संयम

 – रवि कुमार “आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्” अर्थात आरोग्य परम भाग्य है और स्वास्थ्य से अन्य सभी कार्य सिद्ध होते हैं। अच्छे स्वास्थ्य के…

उचित आहार से ‘स्वस्थ बालक स्वस्थ राष्ट्र’

– रवि कुमार एक स्थान पर अखिल भारतीय बैठक के लिए रेल यात्रा में जाना हुआ। रेल के डिब्बे में एक पति-पत्नी एवं उनके साथ…

वीर सावरकर कृत ‘1857 का स्वातंत्र्य समर’ पुस्तक का इतिहास

 – रवि कुमार कहते हैं 1857 की क्रांति विफल हुई। क्या यह कहना सही है? नहीं! 1857 का महासंग्राम उसके बाद की पीढ़ियों को स्वतंत्रता…