✍ दिलीप वसंत बेतकेकर असीम विद्या, अल्प समय है झर झर ऐसा दौड़ेगा, वीर कितने हो न तुम, अंत तो आ ही जायेगा!! ये पंक्तियां…
Author: राष्ट्रीय शिक्षा
डाकोर जी का शंकर
✍ गोपाल माहेश्वरी वीरों की गाथाएँ सुनकर वीरोचित मानस बनता है। मातृभूमि पर बलि होने का बच्चों में साहस ठनता है।। कहानियाँ तो प्रायः सभी…
लोकनायक श्रीराम – २
✍ प्रशांत पोळ सृष्टि के पालनकर्ता, सर्वव्यापी नारायण ने निर्णय लिया है, रावण जैसी आसुरी शक्ति के निर्दालन के लिए, ईश्वाकु कुल के वंशज, राजा…
रामायण सत कोटि अपारा-2 (‘रामलीला’ नाट्य मंचन का प्रभाव)
✍ रवि कुमार पौष शुक्ल द्वादशी, 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से एक बार पुनः सारा देश राममय हो…
लोकनायक श्रीराम – १
✍ प्रशांत पोळ कालचक्र की गति तेज है। वह घूम रहा है। घूमते-घूमते पीछे जा रहा है। बहुत पीछे। इतिहास के पृष्ठ फड़फड़ाते हुए हमें…
डॉ. भगवानदास का शिक्षा-दर्शन
✍ डॉ. विकास कुमार पाठक शिक्षा, दर्शन, आध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी अनेक विभूतियों की धरती रही है। इसी धरती पर जन्में काशी के…
न्यायमूर्ती महादेव गोविंद रानडे
✍ हणमंत धोंडीराम गायकवाड भारत ही साधू संत व विचारवंताची भूमी आहे। या पवित्र भूमीत अनेक साधुसंतांचा व विचारवंतांचा जन्म झालेला आहे। त्यापैकीच न्यायमूर्ती महादेव…
अवध में राम आये हैं – श्री वाल्मीकि रामायण (सर्ग 127 – युद्ध कांड)
✍ विनोद जोहरी अयोध्या परम धाम में नव्य, भव्य एवं दिव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की मृगशीर्ष नक्षत्र में सोमवार…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 97 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा के करणीय प्रयास)
✍ वासुदेव प्रजापति ‘ज्ञान की बात’ का आज से पाँचवें वर्ष में प्रवेश हो रहा है। अब तक हमने 96 ज्ञान की बातों का पठन…
विद्यालय वातावरण का बालक के जीवन व्यवहार पर प्रभाव
✍ राजेन्द्र सिंह बघेल अपने शिक्षण संस्थानों में हम कक्षा में प्रत्यक्ष शिक्षण करते हैं, विद्यार्थियों से प्रतिदिन मिलते हैं, वार्ता करते हैं और उनके…