सा विद्या या विमुक्तये
✍ वासुदेव प्रजापति हमारे देश में धर्माचार्यों की बहुत बड़ी संख्या है। उनके बड़े-बड़े आश्रम चलते हैं। उन आश्रमों में धार्मिक कार्यक्रमों के अतिरिक्त भी…
✍ दिलीप बेतकेकर सामान्यतः विद्यार्थी अभ्यास करने के लिए दो प्रकार की पद्धति अपनाते हैं- वाचन और पाठांतर! दोनों ही आवश्यक और उपयोगी हैं। वाचन…
✍ A. Laxman Rao A child is normally born and brought up in a family. The family is the first school of the child and…
✍ गोपाल माहेश्वरी सुभाष जी एक सेवानिवृत्त आचार्य थे। लेकिन प्रतिदिन शाला के खेल मैदान पर आने का उनका क्रम अखंड व्रत की भांति था। आते और मैदान…
✍ दिलीप बेतकेकर अभावग्रस्त नियोजन युद्ध के लिए केवल सेना और शस्त्र का होना ही पर्याप्त नहीं। केवल इन्हीं के आधार पर युद्ध में विजय…
✍ किशन वीर सिंह शाक्य 21वीं शताब्दी का शिक्षक हमारी कल्पना में कुछ विशेष है क्योंकि 21वीं शताब्दी में हमारे लिए करने के लिए अनेक…
✍ वासुदेव प्रजापति नई व्यवस्था का विचार हमें भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु नई व्यवस्था का विचार करना होगा, शिक्षा का एक नया प्रतिमान गढ़ना…
मूल लेखकः (मराठी) दिलीप वसंत बेतकेकर अनुवादः (हिन्दी) डॉ. रमेश चौगांवकर प्रत्येक विद्यार्थी की सामाजिक आर्थिक, पारिवारिक, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि असमान रहती है। शिक्षक के लिए…
✍ D. Ramakrishna Rao During the year under report, Vidya Bharati’s focus has been on the implementation and follow-up of the National Curriculum Framework. We…
✍ वासुदेव प्रजापति देश को स्वतंत्र हुए 75 वर्ष बीत गए और हम अमृतकाल मना रहे हैं। इस अमृतकाल में कुछ ऐसे लोग भी मिल…