पांच अगस्त, पांच सौ वर्षों का संघर्ष और साधना : श्रीराम जन्मभूमि

 – पिंकेश लता रघुवंशी अपि स्वर्णमयी लङ्का न मे लक्ष्मण रोचते । जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी ॥ लंका विजयोपरांत लंका के वैभव और बनावट देख…

पाती बिटिया के नाम-8 (एम.वाय.अस्पताल में खड़ा वह नीम का पेड़)

– डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया, इंदौर के निकट ही स्थित है धार और इस जिला मुख्यालय से लगभग 30 कि.मी. की दूरी पर स्थित…

संत श्रेष्ठ ज्ञानेश्वर महाराज – 12 अगस्त जयंती विशेष

 – डॉ० आशीष पुराणिक 15 वर्ष का छोटा बालक पैठण धर्मपीठ को नम्रता से प्रश्न करता है, “आपके अन्नमय शरीर से मेरे अन्नमय शरीर को…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-14 (करण-उपकरण-विवेक)

 – वासुदेव प्रजापति संस्कृत शब्द करण से हम भली-भाँति परिचित हैं। करण के आगे उप उपसर्ग लगने से उपकरण शब्द बनता है। करण का अर्थ…

ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਨੀਤੀ ਪਿਛਲੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬਿਆਂ, ਵਰਤਮਾਨ ਦੀਆਂ ਚੁਣੌਤੀਆਂ ਅਤੇ ਭਵਿੱਖ ਦੀਆਂ ਜ਼ਰੂਰਤਾਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦਿਆਂ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ: ਡੀ. ਰਾਮਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਰਾਓ

ਅਖਿਲ ਸਿੱਖਿਅਾ ਵਿਦਿਆ ਭਾਰਤੀੀਅਾ ਦੀ ਪੂਜਾ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਸ਼੍ਰੀ ਡੀ. ਰਾਮਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਰਾਓ ਦਾ ਪ੍ਰੈਸ ਛੇ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ, ਅਕਾਦਮਿਕਾਂ, ਬੁੱਧੀਜੀਵੀਆਂ, ਚਿੰਤਕਾਂ, ਸਿੱਖਿਆ ਮਾਹਿਰਾਂ , ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਅਤੇ…

बच्चे झूठ क्यों बोलते हैं?

 – दिलीप वसंत बेतकेकर मार्च 1992 के ‘‘रीडर्स डायजेस्ट’’ के अंक में पॉल एक्मन का लेख “When your child lies”  (जब आपका बच्चा झूठ बोलता…

‘सा विद्या या विमुक्तये’ को प्रकट करती राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020

 – पिंकेश लता रघुवंशी तत्कर्म यन्न बन्धाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरं कर्म विद्यऽन्या शिल्पनैपुणम्॥ विष्णु पुराण के प्रथम स्कंध उन्नीसवें अध्याय के 41वे श्लोक…

Carefully crafted policy by comprehending The Past Experiences, Present Challenges and Future Needs

Press Statement by Shri D. Ramakrishna Rao, All India President, Vidya Bharati Akhil Bharatiya Shiksha Sansthan After consultation for six long years with academia, intelligentsia,…

अतीत के अनुभव, वर्तमान की चुनौतियों तथा भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर गढ़ी गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति : डी. रामकृष्ण राव

विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री डी० रामकृष्ण राव जी का प्रेस वक्तव्य छ: वर्ष तक शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, विचारकों, शैक्षिक…

शब्द सामर्थ्य-13,प

शब्द अर्थ प पंचगव्य गौ से प्राप्त पांच वस्तुएं पंचक पांच का समूह पटू कुशल / निपुण पतनोन्मुख पतन की ओर झुकाव पथ्य उपयुक्त आहार…