भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-119  (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु परिवर्तन के बिंदु-1)

 – वासुदेव प्रजापति हम भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा चाहते हैं। भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा तभी संभव है जब आज की व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन किया…

राष्ट्र संस्कृति और स्वत्व जागरण अभियान के लिये जीवन समर्पित महामना मदनमोहन मालवीय

✍ रमेश शर्मा मदनमोहन मालवीय जी का स्मरण आते ही सबका ध्यान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की ओर चला जाता है। यह संस्थान केवल एक विश्वविद्यालय…

ए मन रिलैक्स हो जा!

✍ दिलीप बेतकेकर अब मुझे और कुछ न कहो, थक गया हूँ मैं! दिनभर काम हो गया, अब थकान आ गई है। ये और इस…

शिक्षा में भारतीयता के पोषक : दीनानाथ बत्रा

प्रणय कुमार भारत के शैक्षिक-सामाजिक परिवेश में बहुधा ऐसा कम ही देखने को मिलता है कि कोई व्यक्ति अपने जीवन-काल में ही शिक्षा-क्षेत्र में किए…

अन्त्योदय की आराधिका – लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर

✍ शिरोमणि दुबे लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर देवादिदेव भोलेनाथ की परम भक्त थीं। उनके राजकीय पत्रों में ‘श्री शंकर आज्ञा’ लिखा रहता था। देवी अहिल्या…

पंच परिवर्तन विकसित भारत का मूल आधार

✍ प्रोफेसर रवीन्द्र नाथ तिवारी भारत, अपनी सनातन संस्कृति, सभ्यता, और परंपराओं के कारण से अनादिकाल से विश्व का मार्गदर्शन करता आया है। आज, जब…

Nambi Narayan – An unsung hero of Bharat

✍ Niraj Joshi It is always difficult to classify the degree of patriotism & devotion to the country, only a person’s deed is testimony to…

दोहराने के पांच प्रकार

✍ दिलीप बेतकेकर दोहराने को अंग्रेजी में ‘Revision’ कहते हैं। Review (पुनः अवलोकन) भी कहते हैं। आइए हम इन अंग्रेजी के दोनों शब्दों को समझें-…

वैदिक काल के निर्धारण को वैज्ञानिक दृष्टि से सिद्ध करने वाले लोकमान्य तिलक

✍ डॉ. आशिष मुकुंद पुराणिक लोकमान्य तिलक द्वारा वैदिककाल के निर्धारण पर किए गए शोध में अब पुरातात्विक साक्ष्य मिलने लगे हैं। यूरोपीय और एशियाई…

पुस्तक समीक्षा: भारतीय जीवन शैली

✍ डॉ. कुलदीप मेहंदीरत्ता लेखक – रवि कुमार प्रकाशक – सुरुचि प्रकाशन, झंडेवाला, नई दिल्ली पृष्ठ संख्या – 156, मूल्य 150₹ लेखक द्वारा रचित और…