1857 के स्वातंत्र्य समर में दिल्ली लड़ती है – 1

– रवि कुमार 11 से 16 मई 1857, इन पांच दिनों में दिल्ली में जो हुआ वह इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाना चाहिए।…

महान शिक्षाविद व समाज सुधारक महात्मा हंसराज का जीवन-दर्शन

 – डॉ. सुरेन्द्र कुमार बिश्नोई उन्नीसवीं शताब्दी के अंत में जिन महापुरुषों ने देश में शिक्षा व समाज-सुधार के क्षेत्र में महान योगदान दिया उनमें…

शिशु शिक्षा 24 (जन्म से एक वर्ष के शिशुओं की माताओं का शिक्षण-4)

  – नम्रता दत्त शिशु के खिलौने एवं वस्त्र 22 जून को आर्यांश एक वर्ष का हो गया था। उसके जन्मदिन के अवसर पर परिवार में…

कोरोना चला स्कूल खुला

 – दिलीप वसंत बेतकेकर अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहा था- “जब समस्या आती है तब हम जिस प्रकार विचार करते हैं वैसा ही विचार करके उस…

जालियांवाला बाग का नरसंहार

– प्रशांत पोळ कुछ गिने-चुने अंग्रेजों का अपवाद छोड़ दे, तो भारत पर राज करने आया हुआ हर एक अंग्रेज़, सत्ता के नशे में चूर…

अध्ययन और आनंद

 – दिलीप वसंत बेतकेकर ‘अध्ययन और आनंद एक साथ’! ‘अध्ययन और आनंद’ इन दोनों की आपस में क्या मित्रता हो सकती है? क्या कोई अध्ययन…

निर्भीक किशोर-ननी गोपाल

 – गोपाल माहेश्वरी कल्पना भी आज उसकी है भला संभव कहीं, यातना यमयातना से बढ़ शहीदों ने सही। “कितने साल के हो?” अंग्रेज़ न्यायाधीश क्रूर…

स्वतन्त्रता संग्राम में आर्य समाज की भूमिका

-डॉ. रवि प्रकाश भारत जब आजाद नहीं हुआ था उस समय देश में कई कुरीतियां और अन्य सामाजिक बुराइयाँ देश में फैली हुई थी। इन…

Bankim Chandra Chatterjee and Vande Mataram

 – Jagadindra Raychoudhury British came to India as the East India Company for some business purpose and during that time India was divided into some…

पाती बिटिया के नाम-45 (ईमानदारी दिखावटी गहना नहीं)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! प्रतिदिन समाचार-पत्र पढऩे की आदत तो तुमने बना ही ली होगी। वैसे भी वर्तमान घटनाचक्र से हमें सदैव परिचित…