रानी लक्ष्मीबाई का बलिदान हमेशा याद रहेगा

– निखिलेश महेश्वरी “सती होने से अच्छा है नारी शस्त्रु से युद्ध भूमि में उसका दमन करते हुए अपने प्राणोत्सर्ग करे।” भारत के इतिहास को…

शिशु शिक्षा – 7 – पूर्व गर्भावस्था

– नम्रता दत्त भारतीय दर्शन में शैशवास्था को शून्य से पांच वर्ष माना गया है। इसीलिए स्वामी शंकराचार्य जी ने कहा – लालयेत् पंचवर्षाणि, दश…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-35 (समाजगत विकास)

 – वासुदेव प्रजापति इससे पूर्व हमने व्यष्टि, समष्टि, सृष्टि व परमेष्ठी नामक चारों संज्ञाओं का अर्थ समझा। समष्टि के चार चरण – परिवार, समाज, राष्ट्र…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षक

– डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी भारतीय संस्कृति और दर्शन का विश्व में बड़ा प्रभाव रहा है, इस समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए…

बच्चों की प्रगति पुस्तिका का अध्ययन

 – दिलीप वसंत बेतकेकर तिमाही परीक्षा के पश्चात प्रगति पुस्तक पर पालकों के हस्ताक्षर लेकर छठी कक्षा के विद्यार्थी, अपनी कक्षा अध्यापिका के पास, प्रगति…

नदियों के मर्म को सुनना ही होगा

 – डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी नदियों के देश कहे जाने वाले भारत में मुख्यतः चार नदी प्रणालियाँ हैं। उत्तर भारत में सिंधु, मध्य भारत में…

शिशु शिक्षा – 6 – शिशु विकास की विभिन्न अवस्थाएं

– नम्रता दत्त इस सृष्टि में जो भी सजीव जन्म लेता है वह सतत् विकसित होता है अतः उसकी अवस्थाओं में परिवर्तन होना स्वाभाविक ही…

प्रखर राष्ट्रवादी एवं स्वतंत्रता सेनानी थे सावरकर

– ललित गर्ग नया भारत बनाने, भारत को नये सन्दर्भों के साथ संगठित करने, राष्ट्रीय एकता को बल देने की चर्चाओं के बीच भारतीय स्वतंत्रता…

कोरोना महामारी के कारण भारतीय जीवन शैली की चर्चा

 – रवि कुमार कोरोना महामारी से फैले संकट से देश व विश्व उभरने का प्रयास सतत कर रहा है। एक वर्ष से अधिक हो गया…

पाती बिटिया के नाम-26 (ये कहाँ आ गए हम?)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! विज्ञान का नाम लेते ही हम एक काल्पनिक दुनिया में खोने लगते हैं। तेज रफ्तार से भागती जिन्दगी में…