শিশুৰ মন, বুদ্ধি আৰু শিক্ষণত আহাৰ-বিহাৰৰ প্ৰভাৱ

  – ৰবি কুমাৰ পাঞ্জাবী ভাষাত এটা প্ৰবাদ আছে – “চবেৰে জে চাৰ বজে জগ্গে তাঁ দেন্ন বত্তী ঘন্টে দা হো জান্দা”। অৰ্থাৎ ৰাতিপুৱা চাৰি…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 60 (सांस्कृतिक इतिहास)

 – वासुदेव प्रजापति हम इतिहास को राजकीय इतिहास के रूप में ही पढ़ाते हैं। सांस्कृतिक इतिहास भी होता है, इसका हमें भान ही नहीं है।…

भारतीय शिक्षा का दार्शनिक आधार

 – शिव कुमार शर्मा शिक्षा मनुष्य का परिष्कार करती है। शिक्षा ही उसके गुणों का संवर्द्धन कर देवत्व की ओर प्रेरित करती है। किन्तु शिक्षा…

बालक के मन, बुद्धि और शिक्षण पर आहार-विहार का प्रभाव

 – रवि कुमार पंजाबी में एक कहावत है- “सवेरे जे चार वजे जग्गे तां देन्न बत्ती घंटे दा हो जान्दा”। अर्थात यदि व्यक्ति प्रातः चार…

अग्रिम पंक्ति का योद्धा – हरिगोपाल बल

 – गोपाल माहेश्वरी संकटों में देख माँ को पुत्र क्यों ना क्रुद्ध हो, क्या अवस्था अर्थ रखती छिड़ चुका जब युद्ध हो। बंगाल में ‘मास्टर…

स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के संघर्षों की गाथा को पाठ्य पुस्तकों में सम्मिलित करे

– डॉ० अंजनी कुमार सुमन भारत भूमि का कण-कण वीरों के मनोबल और बलिदानियों के रक्त से सिंचित रहा है। समय, काल, परिस्थितियाँ भले ही…

जीवन में अमृत है पानी

 – डॉ० सौरभ मालवीय मनुष्य का शरीर पंचभूत से निर्मित है। पंचभूत में पांच तत्त्व आकाश, वायु, अग्नि, जल एवं पृथ्वी सम्मिलित है। सभी प्राणियों…

भारतीय क्रांति के महानायक – वीर सावरकर

  – मृत्युंजय दीक्षित “मुझे प्रसन्नता है कि मुझे दो जन्मों के कालापानी की सजा देकर अंग्रेज़ सरकार ने हिंदुत्व के पुनर्जन्म सिद्धांत को मान…

बच्चों को अवसर देकर तो देखिये

 – राजेन्द्र बघेल आठवीं में पढ़ने वाली नम्रता कक्षा में एक दुबली पतली छात्रा थी। स्वभाव से बस संकोची भी थी। अतः मुश्किल से कोई…

शांति और प्रेम का संदेश देती है बुद्ध पूर्णिमा

– मृत्युंजय दीक्षित वैशाख मास की पूर्णिमा का भारतीय संस्कृति व बौद्ध समाज में अद्वितीय स्थान है। न केवल बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले…