सा विद्या या विमुक्तये
– ब्रज मोहन रामदेव ‘आध्यात्मिकता’ भारत राष्ट्र की विशेष संकल्पना है। हमारी यह मान्यता है कि सृष्टि रचना के मूल में आत्म तत्व है। यह…
– प्रो. असित मंत्री सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन पंथनिरपेक्ष शिक्षा के साथ-साथ सार्वभौमिक शिक्षा पर जोर देता है। सावित्रीबाई फुले ने स्वयं को भारत…
– प्रशांत पोळ सांप सीढ़ी भारत में ‘सांप सीढ़ी’ और विश्व में ‘स्नेक एंड लेडर्स’ इस नाम से प्रसिद्ध इस खेल की खोज भारत में…
– सार्थ इदाथिल महान दृष्टा और विद्वान रंगाहरि जी, जिनकी बौद्धिक प्रतिभा विद्या भारती के आदर्शों और सिद्धांतों में परिलक्षित होती थी, उनका 29 अक्टूबर…
– वासुदेव प्रजापति शिक्षा में परिवर्तन करने से पूर्व हमें एक और सूत्र को ध्यान में रखने की आवश्यकता है। ‘शिक्षा व्यक्तिगत नहीं होती राष्ट्रीय…
✍ रवि कुमार रामकथा का आदि स्रोत ‘रामायण’ ही है। राष्ट्रकवि रवींद्रनाथ ठाकुर ‘रामायण’ के भारतीय जन-मानस में व्याप्ति पर लिखते हैं, “रामायण की कथा…
✍ वासुदेव प्रजापति जैसे व्यक्ति एक इकाई है, वैसे ही परिवार व विद्यालय भी एक इकाई है। किन्तु समाज इकाई नहीं है, वह तो…
: কল্যাণ গৌতম রবীন্দ্রনাথের অনুভবে ভারতবর্ষের মর্যাদা কোথায় তার একটি উদাহরণ দিই। রবীন্দ্রনাথ তখন ইংল্যান্ডের কেনসিংটনে রয়েছেন। কবিবন্ধু ডি. এল রায়ের পুত্র দিলীপ কুমার রায়ও…
✍ राजेन्द्र सिंह बघेल अपने शिक्षण संस्थानों में हम कक्षा में प्रत्यक्ष शिक्षण करते हैं, विद्यार्थियों से प्रतिदिन मिलते हैं, वार्ता करते हैं और उनके…
✍ वासुदेव प्रजापति सर्वप्रथम यह बात समझने योग्य है कि शिक्षा में मूल्य शब्द का प्रयोग भारतीय नहीं है। यह अंग्रेजी के ‘वेल्यु’ शब्द का…