रामायण सत कोटि अपारा-2 (‘रामलीला’ नाट्य मंचन का प्रभाव)

✍ रवि कुमार पौष शुक्ल द्वादशी, 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से एक बार पुनः सारा देश राममय हो…

लोकनायक श्रीराम – १

✍ प्रशांत पोळ कालचक्र की गति तेज है। वह घूम रहा है। घूमते-घूमते पीछे जा रहा है। बहुत पीछे। इतिहास के पृष्ठ फड़फड़ाते हुए हमें…

डॉ. भगवानदास का शिक्षा-दर्शन

✍ डॉ. विकास कुमार पाठक शिक्षा, दर्शन, आध्यात्म और संस्कृति की नगरी काशी अनेक विभूतियों की धरती रही है। इसी धरती पर जन्में काशी के…

न्यायमूर्ती महादेव गोविंद रानडे

✍ हणमंत धोंडीराम गायकवाड भारत ही साधू संत व विचारवंताची भूमी आहे। या पवित्र भूमीत अनेक साधुसंतांचा व विचारवंतांचा जन्म झालेला आहे। त्यापैकीच न्यायमूर्ती महादेव…

अवध में राम आये हैं – श्री वाल्मीकि रामायण (सर्ग 127 – युद्ध कांड)

✍ विनोद जोहरी अयोध्या परम धाम में नव्य, भव्य एवं दिव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की मृगशीर्ष नक्षत्र में  सोमवार…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 97 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा के करणीय प्रयास)

 ✍ वासुदेव प्रजापति ‘ज्ञान की बात’ का आज से पाँचवें वर्ष में प्रवेश हो रहा है। अब तक हमने 96 ज्ञान की बातों का पठन…

विद्यालय वातावरण का बालक के जीवन व्यवहार पर प्रभाव

✍ राजेन्द्र सिंह बघेल अपने शिक्षण संस्थानों में हम कक्षा में प्रत्यक्ष शिक्षण करते हैं, विद्यार्थियों से प्रतिदिन मिलते हैं, वार्ता करते हैं और उनके…

रामलला के धाम

✍ गोपाल माहेश्वरी   “दादी! हम नहीं चलेंगे अयोध्या जी!” सात वर्ष के राघव ने शाला से लौटते ही पूछा। “चलेंगे जब राम जी बुला…

हम यहाँ बैठे हैं तो एकल विद्यालय के कारण बैठे है

  आर्यन बेल्ट, कारगिल। जम्मू कश्मीर के दूरस्थ व सीमावर्ती क्षेत्रों की शिक्षा के लिए मील का पत्थर बने हैं एकल विद्यालय। देशभर में विद्या…

याद रखें भी कैसे?

✍ दिलीप वसंत बेतकेकर वैभवी अभ्यास तो बहुत करती है, प्रामाणिकता से। परन्तु उसमें कुछ बाधाएँ हैं। ‘सर मैं पढ़ती तो बहुत हूँ, परन्तु भूल…