सा विद्या या विमुक्तये
शिक्षा की प्रक्रिया के माध्यम से ही मानव शिशु का शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास होकर वह समाज में उपयुक्त स्थान ग्रहण करता…
– अरविंद कुमार “पढ़ोगे लिखोगे, बनोगे नवाब । खेलोगे कूदोगे, बनोगे खराब ।।” कहावत आपने जरूर सुनी होगी । इस कहावत का सीधा-सा मतलब यह…
– Tapan Kumar In the fast changing world of the early 21st century concept of public education, school education is also changing. As part of…