सा विद्या या विमुक्तये
– अवनीश भटनागर पंचकोशात्मक विकास भारत में शिक्षा जीवन विकास के लिए दी जाती रही है । उपनिषद् में व्यक्ति का व्यक्त्त्वि पंचकोशात्मक बताया है…
– अवनीश भटनागर शिक्षा एक ऐसा पक्ष है, जिससे किसी भी राष्ट्र की प्रगति या अवनति जुड़ी हुई है । राष्ट्र के सर्वांगीण विकास में…
-अवनीश भटनागर ‘संयममय जीवन हो’ – यह गीत अनुप्राणित करता है, प्रेरणा देता है, जीवन की दृष्टि देता है । परन्तु जरा निष्पक्ष आत्म समीक्षा…
– अवनीश भटनागर शिक्षा जीवन के विकास की यात्रा है। व्यक्तित्व के विकास का एक मात्र माध्यम शिक्षा ही है। विश्वभर के शिक्षाविद् कहते हैं…