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TEACHER’S ROLE – PRESENT & POST COVID ERA

 – D.Ramakrishna Rao The impact of Covid-19 on education has been staggering and all the students are out of the school. The most common response…

पाती बिटिया के नाम-5 (स्वातंत्र्य यज्ञ की वेदी पर वे प्रथम आहूतियाँ)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सन् 1857, मार्च का महिना, गाँव-गाँव में पता नहीं क्या चल रहा है? कोई, एक अपरिचित-सा व्यक्ति गाँव में…

Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-1

 – Vasudev Prjapati – Translated in English by Avnish Bhatnagar The whole world is suffering with covid-19 pandemic. Many a measure are being observed by…

मातृहस्तेन भोजनम्!

        वर्तमान की बदलती हुई जीवन शैली के कारण व्यक्तियों और परिवारों का आहार की ओर दुर्लक्ष्य होता जा रहा है। एक…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-10 (ज्ञानार्जन के साधन : अहंकार)

 – वासुदेव प्रजापति   ज्ञानार्जन के साधनों में अन्त:करण प्रमुख साधन है। अन्त:करण के चारों साधनों में हमने मन और बुद्धि को जाना। बुद्धि के…

Hybrid Schools: Blended Learning

        Government of India is looking at opening schools and colleges in Unlock 0.2 beginning July 1, 2020.  It’s time to focus…

संत कबीर जी का शिक्षा दर्शन : निहितार्थ

–  डॉ० कुलदीप मेहंदीरत्ता आदिकाल से ही भारत विचारकों, ऋषि-मुनियों, संतों और मनीषियों की जन्मभूमि तथा कार्यभूमि रही है। यह भारत का सौभाग्य रहा है…

पाती बिटिया के नाम-4 (वे अद्वितीय बलिदान)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! कई बार आपसे बलिदानों के विषय में चर्चा हुई है। देश, धर्म और संस्कृति हेतु अपने प्राणों की आहूति…

वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-2

 – वासुदेव प्रजापति जीवन एक व अखण्ड़ है भारत की दृष्टि में जीवन एक है, यही एक जीवन जन्मजन्मान्तरों में अखण्ड चलता रहता है। एक…

वर्तमान परिस्थिति में भारतीय जीवनदृष्टि की प्रासंगिकता-1

  – वासुदेव प्रजापति आज संपूर्ण विश्व कोरोना महामारी के प्रकोप से त्रस्त है। इस समय सभी देश अपने-अपने देशवासियों को कोरोना विषाणु से बचाने…