लोकमान्य बाळ गंगाधर टिळक-आद्य “राष्ट्रीय शैक्षणिक क्रांतिकारक”

 – डॉ. वसुधा विनोद देव लोकमान्य बाळ गंगाधर टिळक भारतीय असंतोषाचे जनक, उत्कृष्ट लेखक, धुरंधर राजकारणी, तत्वज्ञ, समाज सुधारक, श्रीमदभगवदगीतेचे भाष्यकार, थोर राष्ट्रभक्त, थोर द्रष्टे…

भारतीय शिक्षा के पुरोधा लज्जाराम जी का साहित्य दर्शन

 – डॉ. हिम्मत सिंह सिन्हा भारतीय शिक्षा के नाम पर उदित महान प्रकाश पुंज, ज्ञान की विभूति पूज्य लज्जाराम तोमर जी ऐसे सबसे पहले शिक्षाविद…

भोजन संस्कार का स्वास्थ्य पर प्रभाव

 – रवि कुमार भोजन का भी एक संस्कार होता है। आजकल के भाग-दौड़ वाले जीवन में यह संस्कार धूमिल होता दिख रहा है। भोजन क्यों…

आचार्य – सांदीपनि कुल के सारस्वत अनुष्ठान का शलाका पुरुष

 – शिरोमणि दुबे   बन्धुओ! भारत दुनियां का अनादि राष्ट्र है। सर्वप्रथम अरुणाचल के आंगन में आदित्य देव की अरुणिम आभा सम्पूर्ण तेज के साथ…

शिक्षक कक्षा या विषय के नहीं, विद्यार्थी के!

– अवनीश भटनागर   गुरु पूर्णिमा महोत्सव है। प्रतिवर्ष आषाढ़ मास की पूर्णिमा को यह उत्सव मनाया जाता है। इसे उत्सव क्यों कहा जाए? क्योंकि…

हमारा सांस्कृतिक पर्व – गुरु पूर्णिमा

– वासुदेव प्रजापति   हमारे देश में वैसे तो प्रत्येक दिन किसी न किसी व्रत, पर्व या त्योहार के नाम से जाना जाता है, किन्तु…

सार्थक जीवन – जीवन घोषाल

 – गोपाल माहेश्वरी सत्याग्रहों की विनय की भाषा न जाने शांति की। धूर्त दुश्मन के लिए भाषा उचित बस क्रांति की।। बसंत पंचमी का दिन…

शिशु शिक्षा 29 – शिशु का आहार, स्वास्थ्य एवं संस्कार

 – नम्रता दत्त हम जानते हैं कि आहार से स्वास्थ्य बनता है और आहार को ग्रहण करने की विधि भी एक संस्कार है। शिशु अवस्था…

भारतीय स्वाधीनता संग्राम और असम के क्रान्तिकारी

 – डॉ० पवन तिवारी श्रीमन्त शंकरदेव की पावन धरा भारतीय संस्कृति के ख्यात उद्घोष ‘वीरभोग्या वसुन्धरा’ को चरितार्थ करती है। पूर्वोत्तर के द्वार कहे जाने…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 61 (विज्ञान का सांस्कृतिक स्वरूप)

 – वासुदेव प्रजापति आज का युग विज्ञान का युग माना जाता है। कुछ लोग तो आज के युग का देवता विज्ञान को ही मानते हैं।…