✍ सतीश कुमार सामान्यतः काफी बार हम असाधारण व साधारण व्यक्ति जैसी चीजों के बारे में सुनते व बोलते है। परन्तु हम सभी एक साधारण…
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ऋषियों की संतान हैं भारत की समस्त जनजातियाँ
✍ रमेश शर्मा भारतीय वैदिक चिंतन और विज्ञान का अनुसंधान आपस में मेल खाते हैं यदि इन दोनों को आधार बनाकर विचार करें तो हम…
सहपाठी
✍ गोपाल माहेश्वरी वैदिक अपने विद्यालय की एटीएल यानी अटल टिंकरिंग लेब से निकलते हुए किसी गहरे विचार में इतना डूबा हुआ था कि अपने…
ROLE OF SCHOOL CULTURE IN ENHANCING LEARNING PROCESS
✍ A. Laxman Rao A child is normally born and brought up in a family. The family is the first school of the child and…
हम शक्ति… हमारी साधना नहीं हमें सामर्थ्य दीजिये
✍ डॉ. पिंकेश लता रघुवंशी स्त्री-शक्ति के प्रति सम्मान के नौ दिवसीय पर्व शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है। वास्तव में यह अवसर है…
सनातन परंपराओं एवं आदर्श राज-व्यवस्था की संरक्षिका-संपोषिका – महारानी अहिल्याबाई होल्कर
✍ प्रणय कुमार यह भारत-भू वीर प्रसूता है। यहाँ हर युग, हर काल में ऐसे-ऐसे वीर-वीरांगनाओं ने जन्म लिया, जिनके व्यक्तित्व एवं कर्त्तृत्व के आगे…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 112 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा विद्यालय में करणीय प्रयास-3)
✍ वासुदेव प्रजापति नई व्यवस्था का विचार हमें भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा हेतु नई व्यवस्था का विचार करना होगा, शिक्षा का एक नया प्रतिमान गढ़ना…
अष्टावधानी अध्यापकम्
मूल लेखकः (मराठी) दिलीप वसंत बेतकेकर अनुवादः (हिन्दी) डॉ. रमेश चौगांवकर प्रत्येक विद्यार्थी की सामाजिक आर्थिक, पारिवारिक, सांस्कृतिक पृष्ठभूमि असमान रहती है। शिक्षक के लिए…
भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 111 (भारतीय शिक्षा की पुनर्प्रतिष्ठा विद्यालय में करणीय प्रयास-2)
✍ वासुदेव प्रजापति वर्तमान ढ़ाँचें की परिष्कृति शिक्षा के वर्तमान ढाँचें में सबसे पहले आन्तरिक परिष्कृति की आवश्यकता है। आन्तरिक परिष्कृति के उपाय बहुत सरल…