सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन: छात्र केंद्रित शिक्षण

– प्रो. असित मंत्री सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन पंथनिरपेक्ष शिक्षा के साथ-साथ सार्वभौमिक शिक्षा पर जोर देता है। सावित्रीबाई फुले ने स्वयं को भारत…

रामकृष्ण मिशन का परिचय

– संतोष कुमार दिवाकर क्या रामकृष्ण मिशन केवल एक संस्थागत कदम था, या यह एक महामानव की उस असीमित दिव्य दृष्टि का प्रतिबिंब था, जो…

जीवन में रामत्व

 – ऋचा सिंह श्रीराम को सनातन धर्म में विष्णु का अवतार माना गया है। लोग उनको भगवान और आराध्य मान कर पूजार्चन करते हैं। लेकिन…

भारतीय ज्ञान का खजाना-29 (प्राचीन भारतीय खेल-३)

✍ प्रशांत पोळ विविध क्षेत्रों में, विविध आयामों में कभी हम विश्व में सर्वश्रेष्ठ थे, इस पर अधिकतर भारतीयों का विश्वास ही नहीं हैं। यह…

लोकनायक गोस्वामी तुलसीदास

 – चेतनानन्द समाज की व्यवस्था नष्ट होने पर, उसके पथ भ्रष्ट होने पर किसी न किसी महापुरुष का आर्विभाव हुआ है, जिसने सभी विरोधों को…

पाठ्यपुस्तकों में अप्रकट सच्चे भारतीय राष्ट्रनायक

 – प्रणय कुमार वामपंथी बुद्धिजीवियों, इतिहासकारों एवं कथित इस्लामिक स्कॉलरों द्वारा कभी बाबर, कभी अकबर, कभी जहाँगीर, कभी औरंगजेब तो कभी टीपू सुल्तान को नायक…

हिंदवी स्वराज्य : एक परिपूर्ण व्यवस्था

–  प्रशांत पोळ जेष्ठ शुक्ल त्रयोदशी, विक्रम संवत १७३१, तदनुसार अंग्रेजी दिनांक ६ जून १६७४, बुधवार को छत्रपति शिवाजी महाराज का, स्वराज्य की राजधानी रायगढ़…

ग्राम शारदा

— गोपाल माहेश्वरी मधुकर, वसंत, शोभा, श्रीधर और सुषमा की समवयस्क बाल-मंडली में मित्रता का रिश्ता पक्कमपक्का था। वर्ष में कम-से-कम एक बार ये सभी…

रामायण सत कोटि अपारा-6 (श्रीराम वन गमन स्थल)

✍ रवि कुमार श्रीराम भारत की आत्मा है। श्रीराम भारत के प्राण है। श्रीराम भारत के जन जन के राम है। वे जन जन के…

अध्यात्म, राष्ट्रीय एकता और मानवता का महासंगम – महाकुंभ

 – मृत्युंजय दीक्षित सनातन हिंदू संस्कृति का महापर्व है – महाकुंभ, विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक, धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव। सनातन संस्कृति की आस्था का…