कैसे अंग्रेजों ने ध्वस्त किया भारत का समृद्ध नौकायन उद्योग : आओ जाने – 2

 – प्रशांत पोळ रॉबर्ट बेरोन वोन हेन गेल्डर्न (१८८५-१९६८), इस लंबे चौड़े नाम वाले एक जाने-माने ऑस्ट्रियन एंथ्रोपोलॉजिस्ट हुए हैं। इनकी शिक्षा-दीक्षा विएना विश्वविद्यालय में…

कैसे अंग्रेजों ने ध्वस्त किया भारत का समृद्ध नौकायन उद्योग : आओ जाने – 1

 – प्रशांत पोळ प्रख्यात अर्थशास्त्री प्रो. अंगस मेडिसन ने अपने ग्रंथ ‘द हिस्ट्री ऑफ वर्ल्ड इकॉनोमिक्स’ में विश्व के व्यापार की परिस्थिति भिन्न-भिन्न कालखण्डों में…

1857 की क्रांति : एक सुनियोजित स्वातन्त्र्य संग्राम

 – रवि कुमार भारत की स्वतंत्रता की चर्चा जब होती है तो ध्यान आता है उन क्रान्तिकारियों का, जिन्होंने स्वतंत्रता की बलि वेदी पर अपने…

ज्ञान की बात 44 (संस्कार – प्रक्रिया)

 – वासदेव प्रजापति संस्कार परम्परा के अन्तर्गत अब तक हमने मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में, सामाजिक व सांस्कृतिक सन्दर्भ में तथा पारम्परिक कर्मकांड के सन्दर्भ के संस्कारों…

बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा- 28 (भारतीय शिक्षा दर्शन)

 – रवि कुमार शिक्षा समाज व राष्ट्र जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। शिक्षा क्या है और शिक्षा की क्यों आवश्यकता है? यह एक महत्वपूर्ण प्रश्न…

ज्ञान की बात 43 (पारम्परिक सन्दर्भ में संस्कार)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने मनोवैज्ञानिक सन्दर्भ में तथा सामाजिक व सांस्कृतिक सन्दर्भ में आने वाले संस्कारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। आज…

सुसंगति मिलती रहे

 – दिलीप बसंत बेतकेकर “तैयार हो गये क्या? जल्दी करो, देर हो रही है”, माँ ने अजय को चौथी बार याद दिलाते हुए कहा, परंतु…

पाती बिटिया के नाम-35 (आओ फिर से दिया जलाएँ)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! दीपोत्सव का पर्व फिर आ गया है, आपके और आपके मित्रों के मन में उमंग हिलोरे लेने लगी अभी…

SUBRAMANIYA SIVAM – A fierce patriot who shook the British imperialistic hegemony

 – Shivakumar “SERVICE TO NATION IS SERVICE TO GOD. “MY RELIGION IS BHARATHEEYAM, MY DEITY IS BHARATH MATHA, MY DHARMA IS TO PREACH SATYA AND…

शिशु शिक्षा 14 (मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान)

 – नम्रता दत्त व्याकरण की दृष्टि से भाषा के दो प्रकार होते हैं – मौखिक (ध्वनिस्वरूप) एवं लिखित (वर्णस्वरूप)। मौखिक भाषा में सुनना और बोलना…