॥ श्रीदुर्गादेव्यै नमः॥ शारदेय नवरात्र के द्वितीय दिवस पर पराम्बा आदिशक्ति के श्रीचरणों में नमन और सभी ज्ञानसाधक बन्धु-बहनों को सादर नमस्कार। सर्वरूपमयी देवी, सर्वं देवीमयं जगत। अतोऽहं विश्वरूपां तां नमामि परमेश्वरीम्॥ “देवी सर्वरूपों से युक्त हैं तथा संपूर्ण जगत देवीमय है अतः मैं उन विश्वरूपा परमेश्वरी को नमस्कार करता हूँ।” ( मूर्ति रहस्यम् ) भारतीय तत्व चिंतन के अनुसार मनुष्य की मूल प्रकृति आध्यात्मिक है परंतु मनुष्य प्रायः इसकी ओर सचेत नहीं रहता।…
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नवरात्र और भारतीय ज्ञान परंपरा-१
॥ ॐ नमश्चण्डिकायै ॥ शारदेय नवरात्र के प्रथम दिवस पर सभी आदरणीय, स्नेहीश्री ज्ञानसाधकों तथा विद्या अनुरागियों को सादर प्रणाम। ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि, देवी भगवती…