– डॉ. शिरीष पाल सिंह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में प्रौद्यौगिकी का उपयोग तथा एकीकरण एवं ऑनलाइन और डिजिटल शिक्षा द्वारा प्रौद्यौगिकी के न्यायसंगत…
Category: राष्ट्रीय शिक्षा नीति
1986 में बनाई गई शिक्षा नीति 1992 के संशोधनों के उपरांत भी शिक्षा के उद्देश्यों को पूरा करने में अब अक्षम दिखाई दे रही थी। 34 वर्षों के लंबे समय उपरांत देश में राष्ट्रीय शिक्षा नीति नई संभावनाओं के साथ आई है। शायद देश में ही नहीं अपितु विश्व भर में यह एक ऐसा बड़ा विमर्श है जो ग्राम पंचायत से लेकर राष्ट्रीय स्तर, छात्रों, अध्यापकों, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा शिक्षाविदों के सुझावों, चिन्तन, मनन का परिणाम है। इस ड्राफ्ट की प्रारम्भिक दृष्टि से पता चलता है कि यह समाज के प्रत्येक वर्ग, क्षेत्र तक ज्ञान पहुँचाने का संकल्प है।
मूल्यांकन प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन
– डॉ. रवीन्द्र नाथ तिवारी वर्तमान में प्रचलित शिक्षा प्रणाली शिक्षकों द्वारा अध्यापन और विद्यार्थी को सीखने का पूरा प्रयास परीक्षाओं में अच्छे परिणाम प्राप्त…
Anniversary of NEP-2020: Vidya Bharati’s role – Way Forward
– D. Ramakrishna Rao Vidya Bharathi has been putting it’s all out efforts and providing unstinted support to the government at policy preparation stage of…
राष्ट्रीय शिक्षा नीति : भाषा, कला और संस्कृति के संवर्धन की पहल
– प्रोफेसर रवीन्द्र नाथ तिवारी भारतीय वाङ्गमय में कला और भाषा का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है तथा ये एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। किसी भी कला…
मातृभाषा में शिक्षा की दिशा में सार्थक पहल
– ललित गर्ग सशक्त भारत-निर्माण एवं प्रभावी शिक्षा के लिए मातृभाषा में शिक्षा की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा को अपने समाज एवं राष्ट्र के…
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल रिसर्च फाउन्डेशन (एन.आर.एफ.)
– डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी भारत भौगोलिक विविधता, जातीय बहुलता, भौतिक वातावरण में भिन्नता, आर्थिक विविधता और विश्व की सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाले देश का…
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षक
– डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी भारतीय संस्कृति और दर्शन का विश्व में बड़ा प्रभाव रहा है, इस समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए…
भारतीय ज्ञान परम्परा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति
– डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी भारतीय ज्ञान परंपरा अद्वितीय ज्ञान और प्रज्ञा का प्रतीक है जिसमें ज्ञान और विज्ञान, लौकिक और पारलौकिक, कर्म और धर्म…
मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति
– प्रो. रविन्द्र नाथ तिवारी भाषा विचारों के आदान-प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। किसी भी बच्चे की प्रथम शैक्षिक गुरु माता ही होती है।…
School – A Centre for social change and service
– D. Ramakrishna Rao NEP-20 did come out with a concept that Schools are to be promoted as ‘samajik chetna kendras’, is an indication to…