✍ वासुदेव प्रजापति विद्यालय समाज में ज्ञान का केन्द्र है। वहाँ जैसी ज्ञान की साधना होती है, वैसा ही समाज का सत्त्व निर्माण होता है।…
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एक उद्घोष – अरविंद घोष
✍ डॉ. पिंकेश लता रघुवंशी कुछ तिथियाँ तय होकर आती, तय दिशाएँ उनको करनी हैं..! किस ओर राष्ट्र की गति होगी, ये पूर्व परिचय…
१५ अगस्त १९४७ के बाद…
✍ प्रशांत पोळ १५ अगस्त १९४७ को भारत तो स्वतंत्र हो गया.. विभाजित होकर..! परन्तु अब आगे क्या..? दुर्भाग्य से गांधीजी ने मुस्लिम लीग के…
FOURTH YEAR OF NEP-2020 AND VIDYA BHARATI
✍ D. Ramakrishna Rao During the year under report, Vidya Bharati’s focus has been on the implementation and follow-up of the National Curriculum Framework. We…
Competitive English 2 – Unlocking the Power of Synonyms 2
✍ Avtar Narayan Elevate Your Communication and Exam Success: Synonyms are essential for enriching both daily conversations and competitive exams. They add variety, clarity, and precision…
अध्ययन के शत्रु – 2
✍ दिलीप बेतकेकर अनावश्यक भय हमारा कैसे नुकसान करता है यह हमने पूर्व में ही देखा। इच्छा शक्ति के अभाव से भी प्रगति में कैसे…
साहसी बालक राजेन्द्र नीलकंठ
✍ गोपाल माहेश्वरी शेष रहती है लड़ाई वीर की अंतिम क्षणों तक। देशभक्ति है बसी होती सदा जिनके मनों तक।। “तो क्या नेताजी के न…
Competitive English 2 – Unlocking the Power of Synonyms 1
✍ Avtar Narayan Synonyms are like best friends for words—they have nearly the same meaning and can be used in place of each other. Learning about…
हिन्दवी स्वराज्य के स्वप्न दृष्टा महानायक छत्रपति शिवाजी
✍ शिरोमणि दुबे हमारे देश का इतिहास अत्यंत रोमांचकारी तथा सतत संघर्ष की गौरव गाथा है। लगभग 2300 वर्षों तक भारत विदेशी आक्रांताओं के बर्बर…
शिक्षा में सुधारों की आवश्यकता – परिवर्तन की प्रतीक्षा में पाठ्यक्रम
✍ प्रणय कुमार किसी भी राष्ट्र का भविष्य शिक्षा पर निर्भर करता है। शिक्षा ही वह सुदृढ़ नींव है, जिस पर राष्ट्र रूपी भवन की…