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बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-18 (कला विषय शिक्षण)
– रवि कुमार सामान्यतः कला विषय के प्रति उदासीनता रहती है। छोटी कक्षाओं में कला विषय का कार्य करवाया जाता है तो विद्यार्थियों को आनंद…
स्वभाषा अर्थात् भारतीय भाषाओं के प्रति अपना स्वाभिमान जगाएँ
– डॉ. विकास दवे मालवी बोली में एक प्रसिद्ध कहावत है जिसका भाव है- “जो व्यक्ति अपनी माँ को माँ नहीं कह सकता वह…
श्री गुरु नानक देव जी के त्रि-सूत्री सिद्धांत – प्रकाश उत्सव विशेष
– डॉ० नरेंद्र सिंह विर्क भारतीय पंरपरा के अनुसार, जब दुनिया में अन्याय, उत्पीड़न, सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक स्थिति अधोगति में जाने लगे तो उस…
EDUCATIONAL PHILOSOPHY OF GURU NANAK DEV – birth anniversary special
– Kuldeep Mehandiratta In 21st century, human beings are facing unprecedented opportunities and challenges in their lives due to rapid advancement of science and technology.…
कक्षा में शैक्षिक परिणाम-एक अनुभव
– राजेन्द्र बघेल प्रत्येक मनुष्य अपने द्वारा किए गए कार्य का अच्छा परिणाम चाहता है। इसके लिए वह विभिन्न प्रकार के प्रयत्न भी करता है।…
A GOOD TEACHER
– K. Ponraman It is often said, ‘As are the teachers, so is the standard of education’. If competent teachers are available, the likelihood of…
छात्र-छात्राओं के विकास में शारीरिक शिक्षा की भूमिका
– शिव कुमार शर्मा ‘शरीरमाद्य खलु धर्मसाधनम्’ हमारी परम्परा में एक महत्वपूर्ण उक्ति है। धर्म, अर्थ, काम व मोक्ष रूपी पुरुषार्थ की प्राप्ति का साधन…
बाल केन्द्रित क्रिया आधारित शिक्षा-16 (लेखन कब और कैसे सिखाएं)
– रवि कुमार ‘आपने लेखन कब सीखा’ यह प्रश्न यदि किसी वयस्क से पूछेंगे तो उत्तर आएगा – पहली कक्षा में। और यह पूछेंगे कि…
Types of students, Ethics before education, Curriculum of teaching and Teacher student relationship according to Bharatiya vangmaya (Indian literature)
– Dr KK Aggarwal The Bhagavad Gita (7.16) has described four types of devotees. “catur-vidhabhajante mam janahsukrtino ‘rjuna artojijnasurartharthi jnani ca bharatarsabha” चतुर्विधाभजन्तेमांजना: सुकृतिनोऽर्जुन ।…