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देश की बात-1 : अपनी बात

-वासुदेव प्रजापति बात आज से लगभग बीस-बाईस वर्ष पुरानी है। विद्या भारती जोधपुर प्रांत का अध्यक्ष-व्यवस्थापक सम्मेलन, बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर डीडवाना में था।…

मनः स्थिति बनाम परिस्थिति

✍ दिलीप बेतकेकर शाला में एक खेल खेला जाता है रस्सा खींच। एक मजबूत रस्सी के दो सिरों की बाजू में दो समूह रस्सी को…

साधन और साधना

✍ दिलीप बेतकेकर महाभारत युद्ध प्रारंभ होने के पूर्व अर्जुन और दुर्योधन भगवान श्री कृष्ण से सहायता मांगने हेतु एक ही समय पर पहुंचे। श्रीकृष्ण…

Lessons on Education and Organisation from Swargeeya Ranga Hariji

 – Sarath Edathil Ranga Hari, the great visionary whose intellectual brilliance radiated in the conceptual and idealistic areas of Vidyabharati departed this world on 29…

जीवन में रामत्व

 – ऋचा सिंह श्रीराम को सनातन धर्म में विष्णु का अवतार माना गया है। लोग उनको भगवान और आराध्य मान कर पूजार्चन करते हैं। लेकिन…

भारतीय ज्ञान का खजाना-29 (प्राचीन भारतीय खेल-३)

✍ प्रशांत पोळ विविध क्षेत्रों में, विविध आयामों में कभी हम विश्व में सर्वश्रेष्ठ थे, इस पर अधिकतर भारतीयों का विश्वास ही नहीं हैं। यह…

मात्र पेट भरने वाली शिक्षा नहीं, मनुष्यता का संस्कार देने वाली शिक्षा

 – डॉ. मोहन भागवत विद्या भारती (सरस्वती शिक्षा संस्थान) छत्तीसगढ़ के रजत जयंती समारोह (23 नवम्बर 2015, रायपुर) में उद्बोधन 25 वर्ष परिश्रम से अपेक्षा…

लोकनायक गोस्वामी तुलसीदास

 – चेतनानन्द समाज की व्यवस्था नष्ट होने पर, उसके पथ भ्रष्ट होने पर किसी न किसी महापुरुष का आर्विभाव हुआ है, जिसने सभी विरोधों को…

पाठ्यपुस्तकों में अप्रकट सच्चे भारतीय राष्ट्रनायक

 – प्रणय कुमार वामपंथी बुद्धिजीवियों, इतिहासकारों एवं कथित इस्लामिक स्कॉलरों द्वारा कभी बाबर, कभी अकबर, कभी जहाँगीर, कभी औरंगजेब तो कभी टीपू सुल्तान को नायक…

गणगौर

 – नीलू शेखावत राजस्थान के रंगीन पर्वों की यात्रा श्रावण की शुक्ला तीज से शुरू होकर चैत की शुक्ला तीज तक चलती है। तीज और…