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21वीं शताब्दी का भारत

 -रवि कुमार 21वीं शताब्दी के भारत की चर्चा केवल भारत ही नहीं तो बल्कि विश्व में सर्वत्र है। 21वीं शताब्दी का भारत कैसा होगा, यदि…

भारतीय ज्ञान का खजाना-31 (सूर्य मंदिरों का रहस्य)

✍ प्रशांत पोळ सूर्य इस शब्द में ही गूढ़ता भरी हुई है। इक्कींसवी सदी का एक चौथाई हिस्सा समाप्त हो रहा है, फिर भी सूर्य…

नागार्जुन के साहित्य में भारतीयता

 – डॉ. सुनीता कुमारी गुप्ता कई दिनो तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास। चमक उठी घर भर की आखें, कई दिनों के बाद। मानव के…

रामकृष्ण मिशन

राजेन्द्र सिंह रामकृष्ण मिशन एक भारतीय धार्मिक और सामाजिक संगठन है जिसकी स्थापना स्वामी विवेकानंद ने 1 मई 1897 को बेलूर कोलकाता में की थी।…

पाठ्यक्रम-परिवर्तन की दिशा में ठोस पहल व प्रयास

 – प्रणय कुमार किसी भी उदार, जीवंत, गतिशील एवं लोकतांत्रिक समाज में वांछित एवं युगीन परिवर्तन की प्रक्रिया सतत चलती रहती है। जड़ता एवं यथास्थितिवाद…

भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार भाग एक

– ब्रज मोहन रामदेव ‘आध्यात्मिकता’ भारत राष्ट्र की विशेष संकल्पना है। हमारी यह मान्यता है कि सृष्टि रचना के मूल में आत्म तत्व है। यह…

संत कबीर – अनुभौ उतरयो पार!

-डॉ. अशोक बत्रा संत कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे।…

अनूठा श्राद्ध

 – गोपाल माहेश्वरी विद्यार्थी पाठक सरस्वती विद्या मंदिर से आचार्य के रूप में सेवा निवृत्त हुए एक वर्ष ही बीता था कि एक दिन उनके…

राष्ट्र निर्माण में शिक्षक की भूमिका

– दिलीप बेतकेकर कार्य सभी महत्वपूर्ण तथा मूल्यवान ही होते हैं, कोई भी कार्य निम्न स्तर का नहीं। फिर भी शिक्षक का कार्य अनोखा है।…

भारतीय ज्ञान का खजाना-30 (प्राचीन भारतीय खेल-४)

✍ प्रशांत पोळ मलखंब ‘मलखंब’ यह हैं, शरीर, मन, बुद्धि का सर्वांगीण विकास करने वाला जबरदस्त खेल! यह भारत के बाहर ज्यादा प्रसिद्ध नहीं हुआ…