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हल्दीघाटी युद्ध विजय@450 वर्ष : आक्रांता से संधि कैसी
– प्रताप सिंह झाला ‘तलावदा’ अकबर ने महाराणा प्रताप के पास चार संधि प्रस्ताव भेजे। मान सिंह को तो उन्होंने कहा था कि एक म्लेच्छ…
गर्भ संस्कार : संस्कारित पीढ़ी की नींव
– डॉ शिवानी कटारा भारतीय संस्कृति में जीवन का आरंभ केवल जैविक घटना नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक यात्रा माना गया है। इसी दृष्टि…
भारतीय शिक्षा के सामाजिक-आर्थिक आधार – भाग एक
डॉ. कुलदीप कुमार मेहंदीरत्ता किसी देश की शिक्षा प्रणाली केवल उसकी बौद्धिक एवं आध्यात्मिक उत्कृष्टता का ही प्रतीक नहीं होती, अपितु वह उस देश की…
केसरिया सांझ
– गोपाल माहेश्वरी श्याम आज विद्यालय से लौटते हुए बहुत ही उदास था। उसका मन ही नहीं हो रहा था कि वह घर लौटे। वह…
शिक्षकों, घर जाओ!
– दिलीप बेतकेकर शीर्षक पढ़कर नाराज हो गये न आप? हमें ‘घर जाओ’ कहने वाले आप कौन? क्या अधिकार है आपको हमें घर भेजने का?…
भारतीय भाषाओं में चिकित्सा शिक्षा – आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक कदम
– डॉ. शिवानी कटारा भारत एक बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र है, जहाँ शिक्षा के क्षेत्र में भाषा का प्रश्न सदैव महत्त्वपूर्ण रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति…
हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष : मेवाड़ के राणा सबके महाराणा
– प्रो. जीवनसिंह खरकवाल प्रताप ऐसे समय मेवाड़ की गद्दी पर बैठे जब उसकी राजधानी चित्तौड़गढ़ पर तो मुगलों का अधिकार था ही, किन्तु मेवाड़…
धरती आबा बिरसा मुंडा
– ऋचा सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ऐसे कई महानायक हुए हैं जिन्होंने अंग्रेजों और अंग्रेजी सत्ता को सीधी चुनौती देकर स्वतंत्रता सेनानियों के लिए…
जनजातीय गौरव दिवस – धरती आबा बिरसा मुंडा
– निखिल महेश्वरी भारत का सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय आंदोलन एक दीर्घ और प्रेरणादायी यात्रा रही है, जिसमें हर आयु वर्ग के युवा, महिला, बुजुर्ग…
प्रताप की रैली
– रवि कुमार माँ प्रताप की विद्यालय के लिए तैयारी में सहायता कर रही है। माँ-पुत्र का संवाद भी साथ साथ चल रहा है। माँ…