परम पूज्य श्री गुरुजी का शैक्षिक प्रबोधन

 – अवनीश भटनागर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य श्री गुरुजी कुशल संगठक होने के साथ-साथ समाज जीवन के…

पाती बिटिया के नाम-42 (समभाव ऐसा होता है)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! हम सबके जीवन में ऐसे अनेक प्रसंग आते हैं जब अनायास हमारी भेंट किसी ऐसे व्यक्तित्व से हो जाती…

ஸ்ரீ ராமகிருஷ்ண பரமஹம்சர்

– கள். தனலட்சுமி ஸ்ரீ ராமகிருஷ்ண பரமஹம்சர் 1836 ஆம் ஆண்டு வங்காளத்தில் கமார்புக்கூர் என்னும் கிராமத்தில் சந்திரமணி தேவிக்கும் குதிட்ராம் சட்டர்ஜிக்கும் மகனாகப் பிறந்தார்.  பெற்றோர்களால்  கதாதர் என அன்புடன் அழைக்கப்பட்டார். கிராம…

Life and teachings of Sri Ramakrishna Paramhansa

 – Dhanalakshmi Sri Ramakrishna was born in the year 1836 to Chandramani Devi and Khudiram Chatterjee in a village called kamaarpukur at Bengal. He was…

सामाजिक समरसता के प्रेरक संत रविदास

 – मृत्युंजय दीक्षित हिंदू समाज को छुआछूत जैसी घृणित परम्परा से मुक्ति दिलाने वाले महान संत रविदास का जन्म धर्मनगरी काशी के निकट मंडुआडीह में…

शिशु शिक्षा 20 (नव दम्पति शिक्षण 5 – श्रेष्ठ माता पिता किसको कहते हैं?)

 – नम्रता दत्त श्रेष्ठ माता पिता कौन हैं? – इस प्रश्न के उत्तर के लिए हमें सबसे पहले यह जानना चाहिए कि संतान (बच्चा) किसकी…

साहसी बालिका मैना

 – गोपाल महेश्वरी ज्वालामुखी पिता की बेटी, ज्वाला बनकर ही पलती है। उसे कहाँ भय जल जाने का, जिसमें क्रांति-ज्वाल जलती है। भगवान की पूजा…

उचित आहार से ‘स्वस्थ बालक स्वस्थ राष्ट्र’

– रवि कुमार एक स्थान पर अखिल भारतीय बैठक के लिए रेल यात्रा में जाना हुआ। रेल के डिब्बे में एक पति-पत्नी एवं उनके साथ…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 52 (विषयों में परस्पर सम्बन्ध)

 – वासुदेव प्रजापति आज विद्यालयों व महाविद्यालयों में पढ़ाए जाने वाले सभी विषयों का सम्बन्ध शास्त्रों से है। सभी शास्त्र परस्पर एक दूसरे से सम्बन्धित…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात 51 (शास्त्रों की रचना एवं स्वरूप)

 – वासुदेव प्रजापति   अब तक हमने जाना कि परमात्मा की इस सृष्टि में मनुष्य का अति विशिष्ट स्थान है। क्योंकि केवल मनुष्य में ही…