सा विद्या या विमुक्तये
– राजेन्द्र सिंह बघेल होनहार बिरवान मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बघपुरा ग्राम में 21 जुलाई 1930 को एक कृषक परिवार में श्री लज्जाराम…
✍ प्रोफेसर रवीन्द्र नाथ तिवारी भारत, अपनी सनातन संस्कृति, सभ्यता, और परंपराओं के कारण से अनादिकाल से विश्व का मार्गदर्शन करता आया है। आज, जब…
✍ गोपाल माहेश्वरी सुधांशु पाठक सायं चार बजे अपना कुर्ता पायजामा पहने कांधे पर झोला लटकाए अकेले निकल पड़ते अपने विद्या मंदिर की गोद ली सेवाबस्ती…
आर्यन बेल्ट, कारगिल। जम्मू कश्मीर के दूरस्थ व सीमावर्ती क्षेत्रों की शिक्षा के लिए मील का पत्थर बने हैं एकल विद्यालय। देशभर में विद्या…
✍ Smt. Sujata In the hushed town of Tiruvannamalai, beneath the sacred Arunachala hill, a sage adorned with serenity and wisdom emerged as a guiding…
✍ D. Ramakrishna rao National Education Policy – 2020 aims to provide quality education by 2030 not only for life changing but also mind crafting…
✍ ராம ஜெயம் பாலகிருஷ்ணமேனன் எனும் இயற்பெயரைக் கொண்டு, அளவில்லா ஆர்வமும், எண்ணற்ற வினாக்களையும், மனதில் சுமந்து பயணித்ததோடு மட்டுமல்லாமல், உலகம் முழுவதும் ஆன்மிக வேதாந்த கருத்துகளைப் பரப்பியும்,கல்விப் பணிகள் ஆற்றியும் அருந்தொண்டாற்றியவரே சுவாமி…
– पंकज सिन्हा अप्रतिम शब्द का शाब्दिक विश्लेषण से संज्ञान होता है – जिसकी कोई बराबरी जल्दी नहीं कर सकता है, जो अद्वितीय हो, जो…
– राजेन्द्र बघेल शिक्षा जगत में आज विद्या भारती और उसके महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा सर्वदूर होती है। यह योजना स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात सुनियोजित…