Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-2

 – Vasudev Prjapati  – Translated in English by Avnish Bhatnagar In the Bharatiya thought process, life is believed to be one, single, continuing, integral, which…

Teaching for Nation-Building

 – Asit Mantry Teacher plays the key role in any educational system. Education without a teacher is just like a body without a soul, skeleton…

तस्मै श्रीगुरवे नम:

 – वासुदेव प्रजापति अखण्डमण्डलाकारं व्याप्तं येन चराचरम्। तत्पदं  दर्शितं  येन  तस्मै  श्रीगुरवे  नम।। उस महान गुरु का अभिवादन! जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त है, चर…

भरत सरिस को राम सनेही – 2

 – डॉ० हिम्मत सिंह सिन्हा भरत के व्यक्तित्व, भ्रातृ प्रेम का सही-सही दर्शन हमें राम वन गमन के पश्चात् ही होता है। उसके पहले उनका…

भरत सरिस को राम सनेही – 1

 – डॉ० हिम्मत सिंह सिन्हा रामायण के सभी पात्रों में भगवान राम के स्नेह के सबसे श्रेष्ठ पात्र भाजन भरत हैं। भरत का सारा चरित्र…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-11 (ज्ञानार्जन के साधन : चित्त)

 – वासुदेव प्रजापति अन्त:करण का चौथा और अन्तिम साधन है, चित्त। चित्त अद्भुत है, यह बुद्धि व अहंकार से भी सूक्ष्म है। इसे हम एक…

TEACHER’S ROLE – PRESENT & POST COVID ERA

 – D.Ramakrishna Rao The impact of Covid-19 on education has been staggering and all the students are out of the school. The most common response…

पाती बिटिया के नाम-5 (स्वातंत्र्य यज्ञ की वेदी पर वे प्रथम आहूतियाँ)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! सन् 1857, मार्च का महिना, गाँव-गाँव में पता नहीं क्या चल रहा है? कोई, एक अपरिचित-सा व्यक्ति गाँव में…

Relevance of the Bharatiya way of life in the present context-1

 – Vasudev Prjapati – Translated in English by Avnish Bhatnagar The whole world is suffering with covid-19 pandemic. Many a measure are being observed by…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-10 (ज्ञानार्जन के साधन : अहंकार)

 – वासुदेव प्रजापति   ज्ञानार्जन के साधनों में अन्त:करण प्रमुख साधन है। अन्त:करण के चारों साधनों में हमने मन और बुद्धि को जाना। बुद्धि के…