-डॉ. अशोक बत्रा संत कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे।…
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भारतीय ज्ञान का खजाना-30 (प्राचीन भारतीय खेल-४)
✍ प्रशांत पोळ मलखंब ‘मलखंब’ यह हैं, शरीर, मन, बुद्धि का सर्वांगीण विकास करने वाला जबरदस्त खेल! यह भारत के बाहर ज्यादा प्रसिद्ध नहीं हुआ…
श्रीराम: शरणं मम
– चेतनानन्द सेवा तो हो, पर सेवा करने वाला दिखायी न दे, प्रदर्शन न हो, कर्तृत्त्व अभिमान न हो और परिणाम पाने की रंचमात्र भी…
राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी का साहित्य दर्शन
– शिरोमणि दुबे कोई चलता पद चिह्नों पर, कोई पद चिह्न बनाता है। जो राहों को खुद गढ़ता है, वही युगों तक गाया जाता है।…
सिंदूरी हनुमान
– गोपाल माहेश्वरी रोशन ने शाला से लोटते हुए रास्ते में सुना कि पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है। निर्दोष पर्यटकों की हत्या से सारा…
सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन: छात्र केंद्रित शिक्षण
– प्रो. असित मंत्री सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन पंथनिरपेक्ष शिक्षा के साथ-साथ सार्वभौमिक शिक्षा पर जोर देता है। सावित्रीबाई फुले ने स्वयं को भारत…
रामकृष्ण मिशन का परिचय
– संतोष कुमार दिवाकर क्या रामकृष्ण मिशन केवल एक संस्थागत कदम था, या यह एक महामानव की उस असीमित दिव्य दृष्टि का प्रतिबिंब था, जो…
देश की बात-1 : अपनी बात
-वासुदेव प्रजापति बात आज से लगभग बीस-बाईस वर्ष पुरानी है। विद्या भारती जोधपुर प्रांत का अध्यक्ष-व्यवस्थापक सम्मेलन, बच्छराज व्यास आदर्श विद्या मंदिर डीडवाना में था।…
मनः स्थिति बनाम परिस्थिति
✍ दिलीप बेतकेकर शाला में एक खेल खेला जाता है रस्सा खींच। एक मजबूत रस्सी के दो सिरों की बाजू में दो समूह रस्सी को…
साधन और साधना
✍ दिलीप बेतकेकर महाभारत युद्ध प्रारंभ होने के पूर्व अर्जुन और दुर्योधन भगवान श्री कृष्ण से सहायता मांगने हेतु एक ही समय पर पहुंचे। श्रीकृष्ण…