हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष – वामपंथ की उघड़ती परतें

– अनुराग सक्सेना अंग्रेजों ने इतिहास के साथ छेड़छाड़ का जो सिलसिला शुरू किया, उसे वामपंथी इतिहासकारों, साहित्यकारों ने आजादी के बाद भी जारी रखा।…

भारतीय ज्ञान का खजाना-33 (उन्नत खेती का अविष्कारक – भारत – 2)

✍ प्रशांत पोळ वराह मिहिर के पश्चात, लगभग 200 वर्षों के बाद, पाराशर ऋषि ने ‘कृषि पाराशर’ ग्रंथ लिखा। प्राचीन कृषि शास्त्र का संकलन और…

भारतीय ज्ञान का खजाना-32 (उन्नत खेती का अविष्कारक – भारत – 1)

✍ प्रशांत पोळ पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिम भाग में उस देश का सबसे बडा प्रदेश है, बलुचिस्तान। 14 ऑगस्ट 1947 को जब पाकिस्तान का निर्माण हुआ,…

युगानुकूल परिवर्तन के लिए हम तत्पर हों

 – डॉ. मोहन भागवत विद्या भारती एक शैक्षिक संगठन है जो एक निश्चित विचार के अनुसार विद्यालय संचालित करता है। शिक्षा के माध्यम से हम…

नर गंधर्व पंडित लखमीचंद जी

– डॉ. सुभाष शर्मा भारत का जीवन लोक परंपराओं में ही दिख जाता है। इन लोक परंपराओं को जन-जन तक पहुंचाने का काम लोक नर्तक,…

महामनीषी श्रद्धेय लज्जा राम तोमर

 – राजेन्द्र सिंह बघेल होनहार बिरवान मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के बघपुरा ग्राम में 21 जुलाई 1930 को एक कृषक परिवार में श्री लज्जाराम…

शिवपूजा

– गोपाल माहेश्वरी श्रावण का महीना आरंभ हो चुका था। अच्छी-खासी वर्षा होने से गाँव के रास्ते कठिनाई से ही आने जाने योग्य रह गए…

21वीं शताब्दी के शिक्षक

– दिलीप बेतकेकर इक्कीसवीं शताब्दी है यह! कैसी है ये नई शताब्दी? इस नई शताब्दी में कौन से परिवर्तन होंगे? क्या समस्याएं होंगी इसमें? भारत…

अंकों की प्रतिस्पर्द्धा नहीं, व्यक्तित्व का समग्र एवं संतुलित विकास हो शिक्षा का लक्ष्य

 – प्रणय कुमार गत 13 मई को केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-परीक्षा के परिणाम घोषित किए गए। 12वीं में 88.39 तो 10वीं में 93.66 प्रतिशत विद्यार्थी…

राष्ट्र चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं हिन्दुत्व चिंतन की प्रधानता है सावरकर जी के लेखन में

 – रमेश शर्मा स्वातंत्र्यवीर विनायक सावरकर का पूरा जीवन राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिये समर्पित रहा। बालवय से जीवन की अंतिम…