शिक्षक बदलने पर शिक्षा बदलेगी

– दिलीप बेतकेकर “You can’t correct the spelling mistake of the child by giving a new pen.” “स्पेलिंग में की गई गलती को नया पेन…

पानी पूरी का ठेला

– रवि कुमार ‘पानी पूरी’ नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। मारवाड़ के एक नगर के मोहल्ले के नुक्कड़ पर पानी पूरी…

21वीं शताब्दी में मन की शिक्षा

– डॉ. किशनवीर सिंह शाक्य पूर्व आचार्य, विद्या भारती मन की शिक्षा का सामान्य अर्थ है कि शिक्षा में वे सभी आयाम हों जिससे विद्यार्थियों…

स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर

– प्रोफेसर रवीन्द्र नाथ तिवारी भारत अपनी स्वाधीनता के 79वें वर्ष के गौरवशाली पड़ाव पर पहुंच कर ‘अमृतकाल’ की यात्रा पर अग्रसर है। यह अमृतकाल…

रक्षा सूत्र

– गोपाल माहेश्वरी “जय जय श्रीमन्नारायण” कहते हुए परिवार के पुरोहित जी ने घर में प्रवेश किया। घर में एकदम शांति पसर गई। बच्चे बड़े…

भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार – भाग दो (उपनिषद् एवं शिक्षा)

– ब्रज मोहन रामदेव वैदिक वांग्मय के अनुसार वेद का अर्थ बोध या ज्ञान है। विद्वानों ने संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद् इन चारों के…

21वीं शताब्दी के शिक्षक

– दिलीप बेतकेकर इक्कीसवीं शताब्दी है यह! कैसी है ये नई शताब्दी? इस नई शताब्दी में कौन से परिवर्तन होंगे? क्या समस्याएं होंगी इसमें? भारत…

पाठ्यक्रम-परिवर्तन की दिशा में ठोस पहल व प्रयास

 – प्रणय कुमार किसी भी उदार, जीवंत, गतिशील एवं लोकतांत्रिक समाज में वांछित एवं युगीन परिवर्तन की प्रक्रिया सतत चलती रहती है। जड़ता एवं यथास्थितिवाद…

भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार भाग एक

– ब्रज मोहन रामदेव ‘आध्यात्मिकता’ भारत राष्ट्र की विशेष संकल्पना है। हमारी यह मान्यता है कि सृष्टि रचना के मूल में आत्म तत्व है। यह…

संत कबीर – अनुभौ उतरयो पार!

-डॉ. अशोक बत्रा संत कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे।…