सा विद्या या विमुक्तये
✍ प्रशांत पोळ वराह मिहिर के पश्चात, लगभग 200 वर्षों के बाद, पाराशर ऋषि ने ‘कृषि पाराशर’ ग्रंथ लिखा। प्राचीन कृषि शास्त्र का संकलन और…
✍ प्रशांत पोळ ईसवी सन् की दसवीं शताब्दी में, अर्थात् ई.स. 1000 में, भारत विश्व की सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति था। प्रोफेसर अंगस मेडिसन ने…
– प्रशांत पोळ अंकों में लिखा हुआ अद्भुत ग्रंथ, जिसे 18 लिपियों के माध्यम से 718 भाषाओं में पढ़ा जा सकता है। हमारे भारत के…
– प्रशांत पोळ इस लेखमाला, अर्थात् ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’ का उद्देश्य है कि हमारे देश में छिपी हुई अनेक अद्भुत एवं ज्ञानपूर्ण बातों को…