सा विद्या या विमुक्तये
✍ प्रशांत पोळ कालचक्र की गति तेज है। वह घूम रहा है। घूमते-घूमते पीछे जा रहा है। बहुत पीछे। इतिहास के पृष्ठ फड़फड़ाते हुए हमें…
✍ गोपाल माहेश्वरी “दादी! हम नहीं चलेंगे अयोध्या जी!” सात वर्ष के राघव ने शाला से लौटते ही पूछा। “चलेंगे जब राम जी बुला…
– गोपाल माहेश्वरी दीपावली का दिन था पर राम प्रातः से ही अनमना बैठा था। त्योहार था पर मन में उत्साह नहीं था। वस्तुतः कोरोनाकाल…