Anniversary of NEP-2020: Vidya Bharati’s role – Way Forward

 – D. Ramakrishna Rao Vidya Bharathi has been putting it’s all out efforts and providing unstinted support to the government at policy preparation stage of…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : भाषा, कला और संस्कृति के संवर्धन की पहल

 – प्रोफेसर रवीन्द्र नाथ तिवारी भारतीय वाङ्गमय में कला और भाषा का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है तथा ये एक-दूसरे के बिना अधूरे हैं। किसी भी कला…

मातृभाषा में शिक्षा की दिशा में सार्थक पहल

– ललित गर्ग सशक्त भारत-निर्माण एवं प्रभावी शिक्षा के लिए मातृभाषा में शिक्षा की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका है। शिक्षा को अपने समाज एवं राष्ट्र के…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल रिसर्च फाउन्डेशन (एन.आर.एफ.)

 – डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी भारत भौगोलिक विविधता, जातीय बहुलता, भौतिक वातावरण में भिन्नता, आर्थिक विविधता और विश्व की सर्वाधिक युवा जनसंख्या वाले देश का…

राष्ट्रीय शिक्षा नीति और शिक्षक

– डॉ० रविन्द्र नाथ तिवारी भारतीय संस्कृति और दर्शन का विश्व में बड़ा प्रभाव रहा है, इस समृद्ध विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए…

मातृभाषा में प्राथमिक शिक्षा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति

 – प्रो. रविन्द्र नाथ तिवारी भाषा विचारों के आदान-प्रदान करने का सशक्त माध्यम है। किसी भी बच्चे की प्रथम शैक्षिक गुरु माता ही होती है।…

PRIMARY EDUCATION IN MOTHER TONGUE: NATIONAL EDUCATION POLICY

– Vidya Deshpande Whenever there is a discussion on the medium of instruction for pre-primary and primary school education, mother tongue has always been the…

NATIONAL EDUCATION POLICY – 2020: STRATEGY FOR IMPLEMENTATION

 – D. RAMAKRISHNA RAO New national education policy – 2020 is launched by Government of India after much consultation, discussions, conducting seminars, holding workshops with…

ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਸਿੱਖਿਆ ਨੀਤੀ ਪਿਛਲੇ ਸਮੇਂ ਦੇ ਤਜ਼ਰਬਿਆਂ, ਵਰਤਮਾਨ ਦੀਆਂ ਚੁਣੌਤੀਆਂ ਅਤੇ ਭਵਿੱਖ ਦੀਆਂ ਜ਼ਰੂਰਤਾਂ ਨੂੰ ਧਿਆਨ ਵਿੱਚ ਰੱਖਦਿਆਂ ਬਣਾਈ ਗਈ ਹੈ: ਡੀ. ਰਾਮਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਰਾਓ

ਅਖਿਲ ਸਿੱਖਿਅਾ ਵਿਦਿਆ ਭਾਰਤੀੀਅਾ ਦੀ ਪੂਜਾ ਨਾਲ ਸਬੰਧਿਤ ਸ਼੍ਰੀ ਡੀ. ਰਾਮਕ੍ਰਿਸ਼ਨ ਰਾਓ ਦਾ ਪ੍ਰੈਸ ਛੇ ਸਾਲਾਂ ਤੋਂ, ਅਕਾਦਮਿਕਾਂ, ਬੁੱਧੀਜੀਵੀਆਂ, ਚਿੰਤਕਾਂ, ਸਿੱਖਿਆ ਮਾਹਿਰਾਂ , ਪ੍ਰਬੰਧਕਾਂ ਅਤੇ…

‘सा विद्या या विमुक्तये’ को प्रकट करती राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020

 – पिंकेश लता रघुवंशी तत्कर्म यन्न बन्धाय सा विद्या या विमुक्तये। आयासायापरं कर्म विद्यऽन्या शिल्पनैपुणम्॥ विष्णु पुराण के प्रथम स्कंध उन्नीसवें अध्याय के 41वे श्लोक…