भारतीय ज्ञान का खजाना-30 (प्राचीन भारतीय खेल-४)

✍ प्रशांत पोळ मलखंब ‘मलखंब’ यह हैं, शरीर, मन, बुद्धि का सर्वांगीण विकास करने वाला जबरदस्त खेल! यह भारत के बाहर ज्यादा प्रसिद्ध नहीं हुआ…

मनः स्थिति बनाम परिस्थिति

✍ दिलीप बेतकेकर शाला में एक खेल खेला जाता है रस्सा खींच। एक मजबूत रस्सी के दो सिरों की बाजू में दो समूह रस्सी को…

जीवन में रामत्व

 – ऋचा सिंह श्रीराम को सनातन धर्म में विष्णु का अवतार माना गया है। लोग उनको भगवान और आराध्य मान कर पूजार्चन करते हैं। लेकिन…

भारतीय ज्ञान का खजाना-29 (प्राचीन भारतीय खेल-३)

✍ प्रशांत पोळ विविध क्षेत्रों में, विविध आयामों में कभी हम विश्व में सर्वश्रेष्ठ थे, इस पर अधिकतर भारतीयों का विश्वास ही नहीं हैं। यह…

लोकनायक गोस्वामी तुलसीदास

 – चेतनानन्द समाज की व्यवस्था नष्ट होने पर, उसके पथ भ्रष्ट होने पर किसी न किसी महापुरुष का आर्विभाव हुआ है, जिसने सभी विरोधों को…

पाठ्यपुस्तकों में अप्रकट सच्चे भारतीय राष्ट्रनायक

 – प्रणय कुमार वामपंथी बुद्धिजीवियों, इतिहासकारों एवं कथित इस्लामिक स्कॉलरों द्वारा कभी बाबर, कभी अकबर, कभी जहाँगीर, कभी औरंगजेब तो कभी टीपू सुल्तान को नायक…

गणगौर

 – नीलू शेखावत राजस्थान के रंगीन पर्वों की यात्रा श्रावण की शुक्ला तीज से शुरू होकर चैत की शुक्ला तीज तक चलती है। तीज और…

स्वदेशी का पथ

 – गोपाल माहेश्वरी देश उठेगा अपने पैरों निज गौरव के भान से। स्नेह भरा सम्मान जगाकर जिएं सुख सम्मान से। परावलंबी देश जगत में कभी…

भारतीय नववर्ष और त्यौहारों की उमंग

 – डॉ. सौरभ मालवीय भारतीय नववर्ष के साथ अनेक त्यौहार आते हैं। इनमें चैत्र शुक्लादि, नवरेह, गुड़ी पड़वा, उगादि, साजिबु नोंगमा पांबा अथवा साजिबु चेराओबा…

भारतीय ज्ञान का खजाना-28 (प्राचीन भारतीय खेल-२)

 – प्रशांत पोळ सांप सीढ़ी भारत में ‘सांप सीढ़ी’ और विश्व में ‘स्नेक एंड लेडर्स’ इस नाम से प्रसिद्ध इस खेल की खोज भारत में…