– Dr. Mukesh Kumar Khandelwal Abstract Jayant Vishnu Narlikar; a great scientist of astrophysics, offers excellent explanations for the Universe’s origin and evolution, particularly regarding…
Category: व्यक्तित्व
राष्ट्र चेतना, सांस्कृतिक गौरव एवं हिन्दुत्व चिंतन की प्रधानता है सावरकर जी के लेखन में
– रमेश शर्मा स्वातंत्र्यवीर विनायक सावरकर का पूरा जीवन राष्ट्र चेतना और सांस्कृतिक गौरव की पुनर्प्रतिष्ठा के लिये समर्पित रहा। बालवय से जीवन की अंतिम…
नागार्जुन के साहित्य में भारतीयता
– डॉ. सुनीता कुमारी गुप्ता कई दिनो तक चूल्हा रोया, चक्की रही उदास। चमक उठी घर भर की आखें, कई दिनों के बाद। मानव के…
भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार भाग एक
– ब्रज मोहन रामदेव ‘आध्यात्मिकता’ भारत राष्ट्र की विशेष संकल्पना है। हमारी यह मान्यता है कि सृष्टि रचना के मूल में आत्म तत्व है। यह…
संत कबीर – अनुभौ उतरयो पार!
-डॉ. अशोक बत्रा संत कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे।…
राष्ट्रकवि माखनलाल चतुर्वेदी का साहित्य दर्शन
– शिरोमणि दुबे कोई चलता पद चिह्नों पर, कोई पद चिह्न बनाता है। जो राहों को खुद गढ़ता है, वही युगों तक गाया जाता है।…
सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन: छात्र केंद्रित शिक्षण
– प्रो. असित मंत्री सावित्रीबाई फुले का शैक्षिक दर्शन पंथनिरपेक्ष शिक्षा के साथ-साथ सार्वभौमिक शिक्षा पर जोर देता है। सावित्रीबाई फुले ने स्वयं को भारत…
Lessons on Education and Organisation from Swargeeya Ranga Hariji
– Sarath Edathil Ranga Hari, the great visionary whose intellectual brilliance radiated in the conceptual and idealistic areas of Vidyabharati departed this world on 29…
लोकनायक गोस्वामी तुलसीदास
– चेतनानन्द समाज की व्यवस्था नष्ट होने पर, उसके पथ भ्रष्ट होने पर किसी न किसी महापुरुष का आर्विभाव हुआ है, जिसने सभी विरोधों को…
स्वातन्त्र्य यज्ञ के कर्मवीर पं. माखनलाल चतुर्वेदी
– कृष्णमुरारी त्रिपाठी अटल स्वातंत्र्य का शंखनाद करने वाले भारतीय चेतना के प्रखर स्वर दादा माखनलाल चतुर्वेदी का नाम जब भी कहीं गूँजता है,…