स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ और वैदिक गणित

– स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ का जन्म 14 मार्च 1884 (चैत्र शुक्ल तृतीया) को तिन्निवेलि (Tinnevally) तमिलनाडु में एक विद्या-विनय सम्पन्न परिवार में हुआ था।…

नारी स्वातंत्र्य का भारतीय प्रतिमानः सावित्री बाई फुले

 – अवनीश भटनागर समाज में सदियों से चली आ रही रूढ़ियों को समाप्त करने तथा सामाजिक व्यवस्था में परिवर्तन लाने के लिए दो बातें अत्यन्त…

परम पूज्य श्री गुरुजी का शैक्षिक प्रबोधन

 – अवनीश भटनागर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य माधवराव सदाशिवराव गोलवलकर उपाख्य श्री गुरुजी कुशल संगठक होने के साथ-साथ समाज जीवन के…

ஸ்ரீ ராமகிருஷ்ண பரமஹம்சர்

– கள். தனலட்சுமி ஸ்ரீ ராமகிருஷ்ண பரமஹம்சர் 1836 ஆம் ஆண்டு வங்காளத்தில் கமார்புக்கூர் என்னும் கிராமத்தில் சந்திரமணி தேவிக்கும் குதிட்ராம் சட்டர்ஜிக்கும் மகனாகப் பிறந்தார்.  பெற்றோர்களால்  கதாதர் என அன்புடன் அழைக்கப்பட்டார். கிராம…

Life and teachings of Sri Ramakrishna Paramhansa

 – Dhanalakshmi Sri Ramakrishna was born in the year 1836 to Chandramani Devi and Khudiram Chatterjee in a village called kamaarpukur at Bengal. He was…

सामाजिक समरसता के प्रेरक संत रविदास

 – मृत्युंजय दीक्षित हिंदू समाज को छुआछूत जैसी घृणित परम्परा से मुक्ति दिलाने वाले महान संत रविदास का जन्म धर्मनगरी काशी के निकट मंडुआडीह में…

आदर्श शिक्षक प्रो. राजेन्द्र सिंह ‘रज्जू भैया’ – 2

– राजेश लिटौरिया ‘प्रकाश’ प्रयाग में ही रज्जू भैया संघ के सम्पर्क में आए। बापूराव मोघे जी के आग्रह पर रज्जू भैया सन 1943 में…

आदर्श शिक्षक प्रो. राजेन्द्र सिंह ‘रज्जू भैया’ – 1

– राजेश लिटौरिया ‘प्रकाश’ श्रीमद्भगवत्गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं- ‘न हि ज्ञानेन सदृश पवित्रमिह विद्यते।’ अर्थात् ज्ञान के समान पवित्र करने वाला संसार में…

भारत की स्वतन्त्रता में नागा वीरांगना रानी माँ गाईदिन्लियु का योगदान

 – पंकज सिन्हा एक वीरांगना थी। कालांतर में उनके अपने ही नहीं, अपितु जो भी उनके संपर्क में आया, वे सभी उन्हें रानी माँ ही…

स्वतन्त्रता का सूर्य – नेताजी सुभाष बोस

– डा. हिम्मत सिंह सिन्हा सुभाष चन्द्र बोस भारत के क्षीतिज पर उज्ज्वल नक्षत्र बनकर उभरे – कवियों ने ऐसा यशोगान किया है। जनवरी 1992…