सा विद्या या विमुक्तये
– डॉ. विवेक भटनागर महाराणा प्रताप एक पराक्रमी योद्धा के साथ कला और स्थापत्य के बड़े प्रेमी भी थे। उन्होंने अनेक मंदिरों, स्मारकों, बावड़ियों और…
– प्रो. जीवनसिंह खरकवाल प्रताप ऐसे समय मेवाड़ की गद्दी पर बैठे जब उसकी राजधानी चित्तौड़गढ़ पर तो मुगलों का अधिकार था ही, किन्तु मेवाड़…
✍ नारायण उपाध्याय प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप भारतीय स्वातंन्न्य के तात्विक प्रतीक है। स्वदेश व स्वधर्म की रक्षार्थ सीमित संसाधनों के बावजूद उस समय के…