सिद्ध शिरोमणि बाबा मस्तनाथ (सन् 1707-1807)

– प्रोफेसर बाबूराम (डी.लिट्.) आपगा, दृषद्वती और सरस्वती देव-नदियों के मध्य बसे क्षेत्र को हरियाणा कहा जाता है। इस क्षेत्र को आदि सृष्टि का जनक…

हल्दी घाटी युद्ध विजय@450 वर्ष : अडिग प्रतिज्ञा, अजेय प्रताप

– प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा हल्दी घाटी युद्ध में अकबर की सेना संख्या में महाराणा प्रताप की सेना से चार गुना अधिक थी। मुगल सेना…

शिक्षक बदलने पर शिक्षा बदलेगी

– दिलीप बेतकेकर “You can’t correct the spelling mistake of the child by giving a new pen.” “स्पेलिंग में की गई गलती को नया पेन…

पानी पूरी का ठेला

– रवि कुमार ‘पानी पूरी’ नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। मारवाड़ के एक नगर के मोहल्ले के नुक्कड़ पर पानी पूरी…

21वीं शताब्दी में मन की शिक्षा

– डॉ. किशनवीर सिंह शाक्य पूर्व आचार्य, विद्या भारती मन की शिक्षा का सामान्य अर्थ है कि शिक्षा में वे सभी आयाम हों जिससे विद्यार्थियों…

स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर

– प्रोफेसर रवीन्द्र नाथ तिवारी भारत अपनी स्वाधीनता के 79वें वर्ष के गौरवशाली पड़ाव पर पहुंच कर ‘अमृतकाल’ की यात्रा पर अग्रसर है। यह अमृतकाल…

रक्षा सूत्र

– गोपाल माहेश्वरी “जय जय श्रीमन्नारायण” कहते हुए परिवार के पुरोहित जी ने घर में प्रवेश किया। घर में एकदम शांति पसर गई। बच्चे बड़े…

भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार – भाग दो (उपनिषद् एवं शिक्षा)

– ब्रज मोहन रामदेव वैदिक वांग्मय के अनुसार वेद का अर्थ बोध या ज्ञान है। विद्वानों ने संहिता, ब्राह्मण, आरण्यक तथा उपनिषद् इन चारों के…

भारतीय शिक्षा के आध्यात्मिक आधार भाग एक

– ब्रज मोहन रामदेव ‘आध्यात्मिकता’ भारत राष्ट्र की विशेष संकल्पना है। हमारी यह मान्यता है कि सृष्टि रचना के मूल में आत्म तत्व है। यह…

संत कबीर – अनुभौ उतरयो पार!

-डॉ. अशोक बत्रा संत कबीर का जीवन ही दर्शन पर आधारित था। उन्होंने जो देखा, उसी को कहा। किसी किताब-विताब के चक़्कर में नहीं रहे।…