रामायण सत कोटि अपारा-7 (जनजातीय क्षेत्रों में राम कथा)

Ram katha in tribal area✍ रवि कुमार “राम आव्या जंगल मां, लक्ष्मण संग चाल्या। शबरी माय बेर लई, प्रेम थी थाळ भराल्या॥” “मीठा बेर चाखी-चाखी,…

हिंदी राम काव्यों में रामराज्य की संकल्पना

✍ डॉ. नाथूराम राठौर भारतीय मनीषा के जिन-जिन ग्रंथों में भगवान राम का चरित्रांकन हुआ है उन सभी में रामराज्य की संकल्पनाएं प्रतिष्ठित हैं। आदि…