– दिलीप बेतकेकर ‘बच्चों की दृष्टि में शाला अर्थात् दुनिया का सुंदरतम स्थान’ होना चाहिए। जिस स्थान पर वे उन्मुक्त रूप से खेलें-कूदें, नाचें-गायें, ऐसा…
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हिन्दवीं साम्राज्य को विस्तार देने वाले सुप्रसिद्ध सेनानायक बाजीराव पेशवा
– रमेश शर्मा पिछले डेढ़ हजार वर्षों में पूरे संसार का स्वरूप बदल गया है। 132 देश एक राह पर, 57 देश दूसरी राह पर…
भारतीय दर्शन और मानसिक स्वास्थ्य-2
– डॉ. शिवानी कटारा दैनिक दिनचर्या और मानसिक स्वास्थ्य मानसिक समस्याएँ बढ़ने का एक बड़ा कारण यह है कि व्यक्ति ने नियमितता (Routine) और सामंजस्य…
भारतीय दर्शन और मानसिक स्वास्थ्य-1
– डॉ. शिवानी कटारा सारांश यह शोध भारतीय दर्शन, आधुनिक तंत्रिका-विज्ञान (Neuroscience) और मनोविज्ञान (Psychology) के संगम पर आधारित है, जो मानसिक स्वास्थ्य की अवधारणा…
कानन करउँ जनम भर बासू!
– डॉ. अखिलेश कृतज्ञ भारतीय परिवार की संरचना में त्याग की अद्भुत भूमिका है। मनुष्य त्याग से देवता बन सकता है। जिस घर में त्याग…
पंचमुख से पंच परिवर्तन
– गोपाल माहेश्वरी पूरा पूजा घर मोगरे के ताजे फूलों की सुगन्ध से महक रहा था। एक सुंदर सिंहासन पर शिव, विष्णु, गणेश, सूर्य और…
भारतीय ज्ञान का खजाना-41 (व्यापार में सर्वोच्च स्थान पर रहा भारत – २)
✍ प्रशांत पोळ केवल दक्षिण भारत में रोमन साम्राज्य के 6000 से अधिक सिक्के मिले हैं। यह सिक्के सोने या चांदी के है। प्रमुखता से…
भारतीय ज्ञान का खजाना-40 (व्यापार में सर्वोच्च स्थान पर रहा भारत – १)
✍ प्रशांत पोळ प्रोफेसर अंगस मेडिसन के नाम का उल्लेख ‘भारतीय ज्ञान का खजाना’ में हुआ है। प्रोफेसर मेडिसन (1926-2010) मूलतः ब्रिटिश थे, लेकिन वह…
वन्देमातरम् का 150वां जयन्ती वर्ष – भाग तीन
– वासुदेव प्रजापति नेहरु व सरकार की बेतुकी सफाई सभी लोग राष्ट्रगान की सच्चाई जानने को उत्सुक थे। इसलिए बाध्य होकर पं. नेहरु को संविधान…
वन्देमातरम् का 150वां जयन्ती वर्ष – भाग दो
– वासुदेव प्रजापति कांग्रेस अधिवेशनों में वन्देमातरम् गान यह बात सबके ध्यान में रखने योग्य है कि आनंदमठ के प्रकाशन के पूर्व ही संपूर्ण बंगाल…