✍ रवि कुमार श्रीराम कथा अनंत है। उसके स्वरूप भी विविध है। श्रीराम के काल से आज तक अलग-अलग रूप में रामकथा प्रकट हुई है।…
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संस्कार और साक्षरता
– दिलीप बेतकेकर ‘साक्षर जनता – भूषण भारत’, (जनता साक्षर हो तो भारत विभूषित होगा) ‘साक्षरतेचा दिवा घरोघर लावा’, (साक्षरता का दीपक हर घर में…
रामायण सत कोटि अपारा-7 (जनजातीय क्षेत्रों में राम कथा)
Ram katha in tribal area✍ रवि कुमार “राम आव्या जंगल मां, लक्ष्मण संग चाल्या। शबरी माय बेर लई, प्रेम थी थाळ भराल्या॥” “मीठा बेर चाखी-चाखी,…
सौम्या की सखी
– गोपाल माहेश्वरी सौम्या आज बहुत उदास थी। आज उसके विद्यालय के छात्रावास में विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यालय का प्रतिनिधित्व करने हेतु चयन प्रक्रिया चल…
संत नारायण गिरी जी उर्फ पंडित साधुराम
-सोमदत्त शर्मा भारतीय संस्कृति में संतों का योगदान अद्वितीय रहा है। भारत की यह भूमि युगों-युगों से तप, साधना और मानव कल्याण के लिए समर्पित…
भारतीय ज्ञान का खजाना-34 (प्राचीन भारतीय न्याय व्यवस्था – १)
✍ प्रशांत पोळ सामान्यतः ऐसा माना जाता है (और जो शालेय/ महाविद्यालयीन शिक्षा से और दृढ़ होता गया है) कि, न्याय प्रणाली, न्यायालय, न्यायमूर्ती, वकील….…
समाज में पनपतीं गाली गलौज प्रवृत्ति का तरुणों पर नकारात्मक प्रभाव और निवारण
– डॉ. बालाराम परमार ‘हँसमुख’ आजकल समाज में सभी उम्र के नर नारी में बात बात पर गाली गलौज करने की आदत बढ़ती ही जा…
क्या हैं आरएसएस के पंच परिवर्तन
– डॉ. इंदिरा दाँगी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक शताब्दी पुराना एक ऐसा संगठन है जिसे देश सेवा, आपात स्थितियों में नागरिक-सहायता और सांस्कृतिक उत्थान के…
पायौ जी मैंने राम रतन धन पायौ..
– ऋचा चारण राजस्थान की धरा केवल वीरता की गाथाओं से ही नहीं गूँजती, बल्कि उसमें भक्ति की मधुर वीणा भी अनहद नाद करती है।…
2047 का विश्व गुरु भारत
– रवि कुमार भारत विश्व गुरु रहा है और 21वीं शताब्दी में पुनः उसी दिशा में अग्रसर है। 2012 के बाद राष्ट्र शक्ति के जनजागरण…