रामानुजाचार्य और उनका विशिष्टाद्वैत वेदान्त

 – डॉ गिरिधर गोपाल शर्मा भारतीय मनीषा का चरमोत्कर्ष ‘वेदान्त-दर्शन’ में प्राप्त होता है। ‘वेदान्त’ शब्द का अर्थ है- “उपनिषद्”। इन उपनिषदों में वेद के…

भारतीय शिक्षा – ज्ञान की बात-33 (व्यक्तिगत विकास की शिक्षा)

 – वासुदेव प्रजापति अब तक हमने समग्र विकास प्रतिमान के प्रथम भाग में पंचकोशात्मक विकास को समझा है। आज से हम दूसरा भाग परमेष्ठीगत विकास…

जगतगुरु आद्य शंकराचार्य का शिक्षा दर्शन

 – गिरीश जोशी भगवान वेदव्यास द्वारा रचित ब्रह्मसूत्र परम ज्ञान की प्राप्ति हेतु मानव के मन मस्तिष्क में जितने भी प्रश्न-जिज्ञासा हो सकती है उन…

पाती बिटिया के नाम-24 (जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादऽपि गरियसी)

 – डॉ विकास दवे प्रिय बिटिया! केसर की क्यारी कश्मीर गोला बारूद की जहरीली हवा की चपेट में एक बार फिर आ गई। एक बार…

श्रीराम – सुशासन के प्रतीक महापुरुष

भगवान श्रीराम अविनाशी परमात्मा है जो सबके सृजनहार व पालनहार हैं। भारत में ही नहीं, दुनिया में श्रीराम अत्यंत पूजनीय हैं और आदर्श पुरुष हैं।

शक्ति, भक्ति एवं संगठन का अद्भुत संगम – समर्थ रामदास स्वामी

 – शैलेश जोशी कहते है ईश्वर ने किसी भूमि पर जन्म लिया है तो वह भरतभूमि है। भारत यह अध्यात्म की भूमि है। भारत को…

संत तुकाराम का जीवन दर्शन

 – सौ. प्रांजली अजय आफळे अणूरेणिया थोकडा तुका आकाशाएवढा ।।१।। अर्थात् कभी अणु की तरह सूक्ष्म संत तुकाराम गगन की तरह असीम हो गये हैं।…

अपडेट और आउटडेट

 – दिलीप वसंत बेतकेकर ‘मोबाइल फोन किस-किसके पास है?’ ऐसा पूछने पर अनेक लोग प्रश्नार्थक मुद्रा से देखने लगे। सभी ने हाथ ऊपर किये। फिर…

संत रविदास जी का जीवन- दर्शन

 – डॉ कुलदीप मेहंदीरत्ता भारत देश की पवित्र भूमि पर समय-समय पर ऋषि-मुनियों, संत जनों और महापुरुषों ने अवतार लिया है और अपने अद्भुत और…

पाती बिटिया के नाम-20 (विश्व का हर देश)

 – डॉ विकास दवे विश्व का हर देश जब भी दिग्भ्रमित हो लडख़ड़ाया। लक्ष्य की पहचान करने इस धरा के पास आया।। प्रिय बिटिया! आज…