वन्देमातरम् का 150वां जयन्ती वर्ष – भाग एक

 – वासुदेव प्रजापति आज की नई पीढ़ी भारत के स्वतंत्रता संग्राम से अनभिज्ञ है। उसने न जवाहरलाल नेहरु को देखा है न उसे सुभाषचन्द्र बोस…

प्रेरणा के फूल

– गोपाल माहेश्वरी स्वदेशचंद्र जी आज सुबह से ही कुर्ता धोती पहनकर तैयार हो गए तो बेटे शिरीष ने पूछा “बाबूजी! आज कहाँ?” संघ की…

राष्ट्र गीत – वन्दे मातरम्

वन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलयजशीतलाम्, शस्य श्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम् ।।1।।       शुभ्र-ज्योत्स्ना-पुलकित-यामिनीम्, फुल्ल–कुसुमित-द्रुमदल-शोभिनीम्, सुहासिनीं, सुमधुर-भाषिणीम्, सुखदां, वरदां, मातरम्। वन्दे मातरम् ।।2।। हे माता (भारतमाता)! मैं…