रामायण सत कोटि अपारा-7 (जनजातीय क्षेत्रों में राम कथा)

✍ रवि कुमार “राम आव्या जंगल मां, लक्ष्मण संग चाल्या। शबरी माय बेर लई, प्रेम थी थाळ भराल्या॥” “मीठा बेर चाखी-चाखी, राम ने अर्पण काया।…