सा विद्या या विमुक्तये
– रवि कुमार
अगस्त 15, सन् 1947 को भारत देश स्वतंत्र हुआ। असंख्य लोगों के बलिदान के कारण हमें स्वतंत्रता मिली। यह स्वतंत्रता बहुमूल्य नहीं अमूल्य है। 15 अगस्त 2021 को भारतीय स्वतंत्रता का 75वां वर्ष प्रारंभ हो रहा है। इस विशेष वर्ष को पूरा भारत वर्ष ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ इस नाम से मना रहा है। 15 अगस्त 2021 से ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ नाम से एक लेख श्रृंखला प्रारंभ कर रहे है… जिसका उद्देश्य नवीन पीढ़ी को यह बताना है कि…
आजादी हमें यूं ही नहीं मिल गई
गुमनामी के अँधेरों में अनेक “अनिर्दिष्टा वीरा:” खो गये, उनका पुनर्स्मरण करना
तथ्यों को जानना जैसे खिलाफत आंदोलन में किसकी खिलाफत थी?
पूरा भारत कभी भी परतंत्र नहीं रहा
अंग्रेजों ने शांतिपूर्वक राज्य नहीं कर लिया, पग-पग पर भारतीय शौर्य ने उन्हें टक्कर दी
बिना खड्ग बिना ढाल वाली आजादी नहीं है
समाज का प्रत्येक वर्ग साथ खड़ा हुआ तो आजादी मिली
1857 में जिन रियासतों ने भाग नहीं लिया या अंग्रेजों का साथ दिया, वे कौन थे?
और स्वतंत्रता आंदोलन केवल अंग्रेजों के विरुद्ध पढ़ाया जाता है तो राणा प्रताप और शिवाजी क्या कर रहे थे?
स्वतंत्रता के पश्चात इस देश ने अपनी प्रगति के लिए क्या-क्या किया?
आदि अनेक ऐसे तथ्य, पहलू, घटनाएँ, नाम आदि है जिनसे नवीन पीढ़ी अनभिज्ञ है और देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए उन्हें ये सब बातें जानना आवश्यक है ताकि इतिहास से प्रेरणा प्राप्त कर नवीन पीढ़ी एक स्वर्णिम भारत का निर्माण कर सके।
‘आजादी का अमृत महोत्सव’ लेख श्रृंखला में हम प्रति सप्ताह एक लेख ‘राष्ट्रीय शिक्षा’ पोर्टल पर प्रकाशित करेंगे। पाठक वर्ग से अपेक्षा है कि स्वयं पढ़कर नई युवा पीढ़ी को इसके अध्ययन की प्रेरणा दे। जो विद्यार्थी कम आयु के हैं और इसको पढ़ने व समझने में अभी सक्षम नहीं है, उन्हें उनके स्तर पर जाकर इन विषयों को प्रेषित करे। भारत देश भाषाओँ की विविधताओं का देश है। अतः पाठकों से यह भी अपेक्षा रहेगी कि वे विषय वस्तु को स्थानीय भाषा/मातृभाषा में अनुवादित कर समाज तक इन महती जानकारियों को पहुंचाएं।
स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में इस अमृत महोत्सव की वेला में आप सभी का सादर सहयोग अपेक्षित हैं।
नवयुग की नव गति नवलय हम, साध रहे होकर निर्भय।
मुक्तकंठ से दसों-दिशा में, गूँजे भारत माँ की जय।।
(लेखक विद्या भारती हरियाणा प्रान्त के संगठन मंत्री है और विद्या भारती प्रचार विभाग की केन्द्रीय टोली के सदस्य है।)
बहोत हि अच्छा उपक्रम.
Bharat mata ki jai #merabharatmahan
Good
Good भारतीय संस्कृति और सभ्यता को बदलता रहा है
भारतीय संस्कृति और सभ्यता बदलता रहा है
Jai Hind mera desh mahan h
Azadi ka Amrit mahotsav
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